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Saturday, 21 March, 2026
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पीएसीएल मामला: ईडी की नयी कार्रवाई, एक ही मामले में सर्वाधिक 22,000 करोड़ रु की संपत्ति जब्त

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नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ स्थित पीएसीएल (पर्ल्स ग्रुप) के खिलाफ धनशोधन की जांच के दौरान जब्ती की नयी कार्रवाई की है और इस मामले में कुल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। यह आंकड़ा एजेंसी द्वारा एक ही मामले में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है।

पीएसीएल पर 48,000 करोड़ रुपये की पोंजी योजना में गड़बड़ी का आरोप है।

ये 126 अचल संपत्तियां पंजाब और दिल्ली में स्थित हैं।

ईडी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। इन संपत्तियों का मूल्य 5,046.91 करोड़ रुपये है।

ईडी ने बताया कि इस जब्ती के साथ, एजेंसी ने अब तक पीएसीएल और उसकी संबंधित संस्थाओं एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों की कुल 22,656.91 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं, जिनमें भारत और विदेशों में स्थित संपत्तियां शामिल हैं।

एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि यह एक ही मामले में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है और धनशोधन निवारण प्रणाली के तहत ईडी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ईडी की 2016 की जांच 2014 में दर्ज सीबीआई मामले से उत्पन्न हुई है, जो पीएसीएल लिमिटेड, इसके दिवंगत प्रवर्तक निर्मल सिंह भंगू और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर यह प्राथमिकी दर्ज की थी।

भांगू का निधन अगस्त 2024 में हो गया था।

ईडी के अनुसार, पीएसीएल की आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों ने एक ‘‘अवैध’’ सामूहिक निवेश योजना चलाई, जिसके तहत कृषि भूमि की बिक्री और विकास के बहाने भारत भर के लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करके 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई।

ईडी ने बताया कि निवेशकों को नकद अग्रिम भुगतान और किस्त भुगतान योजनाओं के माध्यम से निवेश के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें “भ्रामक” दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया, जिनमें समझौते, पावर ऑफ़ अटॉर्नी और अन्य कानूनी उपाय शामिल थे।

एजेंसी ने बताया, ‘‘अधिकांश मामलों में कोई भूमि कभी नहीं सौंपी गई और लगभग 48,000 करोड़ रुपये निवेशकों को अब भी लौटाए गए हैं।’’

वर्ष 2016 में दर्ज मामले के तहत ईडी द्वारा अब तक पांच आरोप-पत्र दाखिल किये जा चुके हैं।

भाषा सुरेश नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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