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Wednesday, 2 April, 2025
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फर्जी हस्ताक्षर के लिए कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को एक वित्त कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। आरोप है कि कंपनी के इक्विटी शेयरों को हस्तांतरित करने के लिए एक ऐसे व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर किए गए जिसकी मृत्यु हो चुकी थी।

न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने जेनेसिस फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के एक शेयरधारक तृप्त सिंह द्वारा दायर एक शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

शिकायत में कंपनी, इसके प्रमोटर और प्रबंध निदेशक नरेश गर्ग, गोपाल बिष्ट (जीएफसीएल के सीएफओ/निदेशक) और कंपनी के प्रमोटर के परिवार के सदस्यों सहित कंपनी के अन्य अधिकारियों पर वित्तीय कदाचार का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में निदेशकों पर अवैध रूप से इक्विटी शेयरों को हस्तांतरित करने के लिए एक व्यक्ति बनवारी लाल साबू के हस्ताक्षर की जालसाजी करने का आरोप लगाया गया है जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसे ‘‘गंभीर आर्थिक अपराध’’ बताया गया है।

न्यायाधीश ने ‘जाली’ प्रतिभूति हस्तांतरण फॉर्म की जांच का आदेश देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अदालत ने 29 मार्च के अपने फैसले में कहा, ‘‘चूंकि बनवारी लाल साबू का सात अप्रैल, 2016 को निधन हो गया था, इसलिए यह जांच करना महत्वपूर्ण है कि तीन मई, 2016 को शेयर हस्तांतरण फॉर्म पर किसने हस्ताक्षर किए थे। कथित जाली दस्तावेज, यानी शेयर हस्तांतरण फॉर्म को एफएसएल को भेजा जा सकता है।’’

आदेश में कहा गया, ‘‘दिवंगत बनवारी लाल साबू के जाली हस्ताक्षरों पर विशेषज्ञ की राय के लिए और इसके लिए प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य हो जाता है।’’

भाषा रंजन नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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