ठाणे, नौ फरवरी (भाषा) ठाणे मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2020 में महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक मोटरसाइकिल की टक्कर से मारे गए इंजीनियरिंग के छात्र के परिवार को 33.17 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है।
शनिवार को दिए फैसले में एमएसीटी के सदस्य आर वी मोहिते ने कहा कि बीमा कंपनी को पहले दावेदारों को भुगतान करना होगा लेकिन पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन के कारण उसे वाहन मालिक से यह राशि वसूलने का अधिकार होगा।
बीटेक का 20 वर्षीय छात्र विपुल संतोष सावंत 25 दिसंबर, 2020 को पालघर जिले के खानिवली-गोरहे रोड पर अंबिस्ते की ओर अपने दोस्त के साथ पैदल जा रहा था तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसे टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई।
छात्र के माता-पिता एवं बहन ने मुआवजे की मांग को लेकर मुकदमा दायर किया।
न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी के इस दावे को खारिज कर दिया कि घटना में कोई अज्ञात वाहन शामिल था, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस रिकॉर्ड से मोटरसाइकिल की संलिप्तता की पुष्टि हुई।
यह भी पाया गया कि दोपहिया वाहन के चालक और मालिक के पास केवल चार पहिया वाहन चलाने का लाइसेंस था, मोटरसाइकिल का नहीं और यह बीमा पॉलिसी का उल्लंघन है।
हालांकि, न्यायाधिकरण ने तृतीय-पक्ष पीड़ितों (परिवार) के हित की रक्षा के लिए वाहन के बीमाकर्ता को पहले मुआवजा देने और फिर मालिक से राशि वसूलने का निर्देश दिया।
न्यायाधिकरण ने विपुल के परिजन को कुल 33.17 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया। उसने याचिका दायर किए जाने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया।
एमएसीटी ने मृतक की मां के लिए 12.67 लाख रुपये, पिता के लिए 12.5 लाख रुपये और बहन के लिए आठ लाख रुपये आवंटित किए।
भाषा
सिम्मी गोला
गोला
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