मुंबई, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पवार परिवार के दो सदस्य एक ही समय में राज्य से राज्यसभा सदस्य बनने की तैयारी में हैं। वरिष्ठ नेता शरद पवार और उनके पोते पार्थ प्रतिद्वंद्वी खेमों से चुनाव मैदान में हैं। पार्थ दिवंगत अजित पवार के बेटे हैं।
संसद के ऊपरी सदन के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को मुंबई में नामांकन दाखिल किया।
शरद पवार (85) राकांपा (शप) के प्रमुख हैं, जबकि पार्थ को सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने उम्मीदवार बनाया है।
यदि पार्थ निर्वाचित होते हैं, तो यह पहला मौका होगा जब शरद पवार और उनके पोते एकसाथ संसद में होंगे।
दिलचस्प बात यह है कि पार्थ की मां सुनेत्रा पवार राज्यसभा की सदस्य बनी हुई हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपना इस्तीफा नहीं दिया है। सुनेत्रा पवार वर्तमान में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राकांपा अध्यक्ष भी हैं, जबकि शरद पवार की बेटी और राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले परिवार के गृह क्षेत्र बारामती से लोकसभा सदस्य हैं।
पार्थ के पिता एवं शरद पवार के भतीजे अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
शरद पवार चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केंद्र में रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। वह आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं।
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में महाराष्ट्र से महा विकास आघाडी (एमवीए) उम्मीदवार के तौर पर राकांपा (शप) के प्रमुख शरद पवार के समर्थन की बुधवार को घोषणा की। महाराष्ट्र की सात सीट पर चुनाव होना है, जिसमें से एक सीट पर एमवीए की जीत की संभावना है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रमेश चेन्नीथला ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें 16 मार्च को होने वाले चुनाव में पवार का समर्थन करने के फैसले के बारे में बताने के लिए कहा है।
इससे पहले, एमवीए में शामिल तीन दलों कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) ने इस सीट पर उम्मीदवारी के लिए अपना-अपना दावा पेश किया था।
पार्थ पवार ने इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके थे।
पुणे के मुंधवा में एक विवादित भूमि सौदे को लेकर हाल ही में वे सुर्खियों में आए थे। 40 एकड़ जमीन अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को 300 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा तब सवालों के घेरे में आ गया था जब पता चला था कि जमीन सरकार की है और कंपनी को स्टांप शुल्क से छूट दी गई थी। इसके बाद सौदा रद्द कर दिया गया था।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में, सुप्रिया सुले ने बारामती निर्वाचन क्षेत्र में सुनेत्रा पवार को हराया था।
सुनेत्रा बाद में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुईं । हालांकि, उन्होंने विमान दुर्घटना में पति अजित पवार की मृत्यु के बाद, राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और राकांपा अध्यक्ष भी चुनी गईं।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान, अजित पवार ने बारामती में मतदाताओं से ‘पवार’ को वोट देने की अपील करके अपनी पत्नी के लिए समर्थन मांगा था, जबकि शरद पवार ने पलटवार करते हुए बेटी सुले को ‘असली पवार’ बताया था।
शरद पवार द्वारा 1999 में गठित राकांपा, जुलाई 2023 में अजित पवार के भाजपा और शिवसेना की महायुति सरकार में शामिल होने के बाद विभाजित हो गई थी।
महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीट के आगामी चुनाव में, भाजपा आराम से तीन सीट जीत सकती है और चौथी सीट के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती है। शिवसेना एक सीट जीत सकती है और उसके बाद उसके पास अतिरिक्त वोट होंगे। राकांपा भी एक सदस्य का चुनाव सुनिश्चित कर सकती है।
महाराष्ट्र में एमवीए का संयुक्त संख्या बल राज्य से राज्यसभा के एक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित कर सकता है। महायुति की छह सीट पर जीत हो सकती है, बशर्ते क्रॉस वोटिंग ना हो।
भाषा अमित रंजन
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