नयी दिल्ली, 28 दिसंबर (भाषा) जनता दल (यूनाइटेड) ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान द्वारा बिहार सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग को ‘‘अलोकतांत्रिक’’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि अब किसी भी बहुमत वाली सरकार को कोई भी केंद्र की सरकार बर्खास्त नहीं कर सकती है।
जद (यू) के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से बातचीत में कहा कि चिराग पासवान राजनीति में अभी नए हैं और उन्हें राजनीति में अपने पिता (रामविलास पासवान) की तरह स्थापित होने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अब किसी भी बहुमत वाली सरकार को केंद्र की सरकार बर्खास्त नहीं कर सकती है। चिराग पासवान को सरकारिया आयोग की सिफारिशें और एस आर बोम्मई मामले में उच्चतम न्यायालय की जो व्याख्या है, उसका अध्ययन करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में जनता की चुनी हुई सरकार है। उसे भंग करने की मांग करना ना सिर्फ अलोकतांत्रिक है बल्कि जनता में उनका विश्वास भी कम है। लिहाजा राजनीति में अपने पिता की तरह स्थापित होने में उनको अभी और प्रयास करने होंगे।’’
उच्चतम न्यायालय की नौ सदस्यीय एक पीठ ने एस आर बोम्मई बनाम भारत सरकार मामले में मार्च 1994 में अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया और राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू करने के संदर्भ में सख्त दिशानिर्देश दिए थे।
इस फैसले में न्यायालय ने कहा था कि ‘‘किसी भी राज्य सरकार के बहुमत का फैसला राजभवन की जगह विधान मंडल में होना चाहिये। राष्ट्रपति शासन लगाने से पहले राज्य सरकार को शक्ति परीक्षण का मौका देना होगा।’’
ज्ञात हो कि बिहार के जमुई से लोकसभा सदस्य चिराग पासवान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बुधवार को मुलाकात की और बिहार सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
पासवान ने शाह को अपनी पार्टी का ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकारी संरक्षण में शराब माफिया फल-फूल रहा है और राज्य में वैसे तो शराबबंदी है लेकिन बड़ी संख्या में लोग जहरीली शराब पीने से मर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कटु आलोचक माने जाने वाले चिराग पासवान ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
त्यागी ने कहा कि चिराग पासवान, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कभी अलग ही नहीं हुए थे और बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर उन्होंने जद (यू) के उम्मीदवारों को हराने का काम किया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा और लोजपा के मिलेजुले प्रयास व प्रयोग की वजह से जदयू की सीटों की संख्या कम हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पहले से ही एक हैं। वो (चिराग) तो कह ही रहे थे कि वह उनके (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) के हनुमान हैं। लेकिन ये हनुमान ऐसा कलयुगी है कि उसने अपनी ही अयोध्या में आग लगा दी थी।’’
बिहार के कानून-व्यवस्था के सवाल पर जद (यू) नेता ने सवाल किया कि क्या उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कानून-व्यवस्था अच्छी है?
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जानते हुए उत्तर प्रदेश में पांच शराब कांड हो चुके हैं, जिनमें 40-40 लोग तक की मौत हुई है। फिर, तो वह सरकार एक साल पहले बर्खास्त हो जानी चाहिए थी। हम तो किसी सरकार की बर्खास्तगी की मांग के खिलाफ हैं। चाहे भाजपा की हो या ममता (तृणमूल कांग्रेस) की हो, या के चंद्रशेखर राव (तेलंगाना) की या फिर वामपंथियों की।’’
चिराग पासवान, नीतीश कुमार के विरोध के कारण 2020 में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर हो गए थे।
कुमार के राजग से बाहर निकलने के बाद, वह भाजपा के करीब आ गए हैं और राज्य में हाल के उपचुनावों में उनके उम्मीदवार के लिए उन्होंने प्रचार भी किया। इसके बाद से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन जल्द ही औपचारिक रूप ले सकता है।
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