बेंगलुरू, 14 जून (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए हाथियों को रखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
अदालत एमएस मुरली की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें गुजरात के जामनगर में स्थित एक मंदिर की ओर से कर्नाटक से चार हाथियों को लेने को चुनौती दी गई थी।
हाथियों को लेने वाले राधा कृष्ण मंदिर वेल्फेयर ट्रस्ट ने अदालत से कहा कि पशुओं की देखभाल के लिए ही न्यास बना है।
न्यास ने कहा कि हाथियों के साथ अच्छा सलूक किया जा रहा है और इनका इस्तेमाल मंदिर परिसर में सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान के लिए किया जाता है।
उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण कानून 1972 की धारा 49 के तहत हाथियों को गैर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रखा जा सकता है।
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