नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कोझिकोड में अपशिष्ट शोधन संयंत्र से होने वाले प्रदूषण से संबंधित मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य से जवाब मांगा है।
हरित निकाय ने एक समाचार रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था जिसमें दावा किया गया था कि केरल के कोझिकोड जिले के अम्बायथोड गांव में फ्रेश कट ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, वायु और जल प्रदूषण पैदा कर रहा है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्यों ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ ने दो दिसंबर के आदेश में कहा कि खबर के अनुसार, इकाई से आने वाली दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।
पीठ ने खबर का संज्ञान लेते हुए कहा, ‘पीने का पानी उपलब्ध कराने वाली मुख्य नदी भी इकाई से निकलने वाले अपशिष्टों से प्रदूषित हो गई है। इस क्षेत्र में त्वचा रोग और एलर्जी आम हो गए हैं। आंदोलन के कारण वर्तमान में इकाई बंद है। हालांकि, यह पता लगाने की आवश्यकता है कि क्या इकाई शुरू होने से पहले सभी मानदंडों को पूरा करती थी और क्षेत्र को साफ किया जाना चाहिए क्योंकि प्रदूषण बना हुआ है।’
इसने मामले में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कोझिकोड के जिलाधिकारी और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय को पक्षकार बनाया गया।
हरित अधिकरण ने कहा, ‘पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करें।’ मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 29 जनवरी को चेन्नई स्थित दक्षिणी क्षेत्रीय पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।
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नोमान प्रशांत
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