नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) से जुड़े मामले में गिरफ्तार इरफान मेहराज को बुधवार को 10 दिनों के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।
एनआईए ने इरफान मेहराज को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
एनआईए के मुताबिक अक्टूबर 2020 में दर्ज आतंकवाद वित्तपोषण मामले की व्यापक जांच के बाद श्रीनगर का इरफान मेहराज पहला आरोपी है, जिसे गिरफ्तार किया गया है।
इरफान मेहराज (मानवाधिकार कार्यकर्ता) खुर्रम परवेज का करीबी सहयोगी था और उसके संगठन, जम्मू-कश्मीर नागरिक समूह गठबंधन (जेकेसीसीएस) के साथ काम कर रहा था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने एनआईए की 12 दिनों की हिरासत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मेहराज से 10 दिनों के लिए हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी।
सोमवार को गिरफ्तारी के बाद मेहराज को ट्रांजिट रिमांड पर राष्ट्रीय राजधानी लाया गया है।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि जांच से पता चला है कि जेकेसीसीएस आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित कर रहा था और मानवाधिकारों की सुरक्षा की आड़ में घाटी में अलगाववादी एजेंडे का प्रचार कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक इस मामले में घाटी के कुछ गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्ट और सोसाइटी के आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों के वित्तपोषण में शामिल होने की जांच की जा रही है।
एक एनआईए अधिकारी ने कहा कि कुछ पंजीकृत और अपंजीकृत एनजीओ सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा सहित दान और विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों की आड़ में देश और विदेश में धन एकत्र करते हुए पाए गए हैं।
एनआईए ने कहा,‘‘ लेकिन, इनमें से कुछ संगठनों ने लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध विकसित किए हैं। ’’
एनआईए ने परवेज को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया था और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप में 13 मई 2022 को छह अन्य लोगों के साथ उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
भाषा रवि कांत अविनाश
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