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Thursday, 3 September, 2026
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नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,252 हुई, 4,200 से ज़्यादा लापता

अमेरिका ने खास डिज़ास्टर रिकवरी सप्लाई भेजी है, जबकि भारत ने बचाव कर्मचारी, टनल रेस्क्यू इक्विपमेंट और ज़रूरी दवाएं भेजी हैं.

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काठमांडू: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि करीब 4,216 लोग अभी भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. यह जानकारी नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने गुरुवार को दी.

दोपहर 12 बजे तक मिली जानकारी के आधार पर ये आंकड़े दिखाते हैं कि कई जिलों में आपदा का कितना बड़ा असर हुआ है. सबसे ज़्यादा 355 लाशें चितवन से मिली हैं, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 218, नवलपरासी वेस्ट से 208, नुवाकोट से 177 और रसुवा से 127 लाशें मिली हैं.

NDRRMA के मुताबिक, गोरखा, धाडिंग और तनहुन से भी लाशें मिली हैं. अब तक सिर्फ 95 लाशों की पहचान हो पाई है और उन्हें रिश्तेदारों को सौंपा गया है, जिससे पीड़ितों की पहचान करने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं. अथॉरिटी ने कहा कि करीब 11,993 लोगों को बचाया गया है, जबकि 5,135 घायल लोगों को इलाज मिला है. इनमें से 301 का अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज हुआ, जबकि नेपाली आर्मी और आर्म्ड पुलिस फोर्स ने एक के बाद एक 3,206 और 1,628 लोगों का इलाज किया.

लापता लिस्ट में कई कैटेगरी के लोग शामिल हैं, जिनमें हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े लगभग 900 लोग अभी भी लापता हैं. लगभग 583 विदेशी नागरिक और विदेशी टूरिस्ट के साथ आए 164 नेपाली भी लापता या संपर्क से बाहर बताए गए हैं. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लैंडस्लाइड, बाढ़ के पानी और मलबे से प्रभावित इलाकों पर फोकस्ड हैं. सिक्योरिटी फोर्स ने रेस्क्यू, सर्च, राहत बांटने और इससे जुड़े ऑपरेशन के लिए 21,000 से ज़्यादा लोगों को तैनात किया है.

NDRRMA ने कहा कि राहत का सामान, जिसमें खाने और खाने के अलावा दूसरी चीज़ें शामिल हैं, ट्रकों, गाड़ियों और हेलीकॉप्टर फ्लाइट से प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जा रहा है. नुवाकोट और रसुवा में भी हवाई ऑपरेशन के ज़रिए राहत का सामान पहुंचाया गया है. अभी होल्डिंग सेंटर में करीब 3,948 लोग रह रहे हैं, जिनमें नुवाकोट में 2,981, रसुवा में 320, धाडिंग में 260 और काठमांडू में 387 लोग शामिल हैं.

इस आपदा से कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी नुकसान हुआ है. NDRRMA ने बताया कि 110 नेपाल टेलीकॉम टावर और 78 एनसेल टावर डैमेज हुए हैं, हालांकि ज़्यादातर अभी चालू हैं. इस बीच, नेपाल तक इंटरनेशनल मदद पहुंच रही है. यूनाइटेड स्टेट्स ने खास डिज़ास्टर रिकवरी सप्लाई भेजी है, जबकि इंडिया ने रेस्क्यू स्टाफ, टनल रेस्क्यू इक्विपमेंट और ज़रूरी दवाएं भेजी हैं.

इंडिया का पांचवां एयरक्राफ्ट 11 मेंबर वाली रेस्क्यू टीम और 5.5 टन दवाएं नेपाल ले गया. 19 मेंबर वाली इंडियन फोरेंसिक टीम भी पीड़ितों की पहचान के लिए DNA एनालिसिस में नेपाल पुलिस की मदद कर रही है.

खराब मौसम और हिमालय के खतरों की वजह से आई बाढ़ ने पूरे उत्तरी और सेंट्रल नेपाल में बहुत तबाही मचाई है, रेस्क्यू टीमें प्रभावित बस्तियों और हाइड्रोपावर फैसिलिटी से ज़िंदा लोगों को ढूंढने और लाशें निकालने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं.

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