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Wednesday, 25 February, 2026
होमदेशनेहरू ने हमेशा के लिए भारत की सीमाओं का पुन: निर्धारण कर दिया : भाजपा

नेहरू ने हमेशा के लिए भारत की सीमाओं का पुन: निर्धारण कर दिया : भाजपा

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नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे कार्यकाल में बार-बार ‘क्षेत्रीय समझौते’ किए और भारत की सीमाओं का हमेशा के लिए ‘पुन: निर्धारण’ कर दिया।

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर कांग्रेस के हमले की पृष्ठभूमि में भाजपा ने विपक्षी दल पर पलटवार किया है।

भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने ‘कम्प्रोमाइज्ड कांग्रेस’ हैशटैग के साथ ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का पहला कर्तव्य: भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके बजाय उन्होंने अपने पूरे शासनकाल में क्षेत्रीय समझौते किए। तिब्बत को टुकड़े-टुकड़े में गंवा दिया गया। अक्साई चिन को लेकर समझौता कर लिया गया। बेरुबारी को लेकर समझौता कर लिया गया। पंजाब के गांवों को लेकर समझौता कर लिया गया। रण के कच्छ को लेकर समझौता किया गया। और कश्मीर को लेकर भी करीब-करीब टुकड़ों में समझौता कर लिया गया।’’

भाजपा सांसद ने दावा किया, ‘‘बार-बार समझौते। यह नेहरू का नेतृत्व था। एक व्यक्ति के समझौते करने की वजह से भारत का नक्शा हमेशा के लिए बदल गया।’’

बलूनी ने आरोप लगाया कि नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकारों को छोड़ दिया।

उन्होंने दावा किया, ‘‘डाक, टेलीग्राफ और फोन सेवाएं चीन के सुपुर्द कर दी गईं। तिब्बत को चीन के क्षेत्र के रूप में पहचाना गया। माओ को पूरा बफर जोन मुफ्त में सौंप दिया गया।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अक्साई चिन: चीन ने 1951 से सैन्य सड़क बनाना शुरू किया। तत्कालीन आईबी प्रमुख बीएन मलिक ने 1952 में नेहरू को आगाह किया था लेकिन उन्होंने पूरी तरह अनदेखी की। सड़क 1957 में बनकर तैयार हो गई। 1959 में नेहरू ने संसद में कहा: ‘इन अफवाहों पर ध्यान मत दो’। आठ साल का झूठ, जबकि भारत की जमीन को हथिया लिया गया।’’

बेरुबारी पर नेहरू-नून के समझौते का जिक्र करते हुए बलूनी ने आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल का आधा क्षेत्र बिना कैबिनेट मंजूरी के पाकिस्तान को दे दिया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कोई कैबिनेट मंजूरी नहीं। पश्चिम बंगाल सरकार से कोई परामर्श नहीं। उच्चतम न्यायालय ने नाखुशी जताते हुए कहा था: प्रधानमंत्री भारतीय जमीन को उपहार में नहीं दे सकते। नेहरू ने अपने समर्पण को कानूनी रूप देने के लिए नौवां संविधान संशोधन कराया।’’

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नेहरू ने मंत्रिमंडल की मंजूरी के बिना कश्मीर में ‘सार्वजनिक रूप से’ जनमत संग्रह का ऐलान कर दिया और पाकिस्तान को ‘‘एक स्थायी कूटनीतिक हथियार’’ दे दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने 1960 में सारजा माजरा, रख हरदित सिंह, पठानके और फिरोजपुर के हिस्सों को पाकिस्तान को सौंप दिया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका समझौते के खिलाफ मंगलवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ जारी होने की धमकियों के बाहरी दबाव में समझौते को मंजूरी दी।

भाषा

वैभव मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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