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Tuesday, 24 March, 2026
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत: सीएक्यूएम

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नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने का सुझाव दिया है ताकि प्रदूषण की अधिकता वाली जगहों की पहचान की जा सके और प्रदूषण के सीमापार जाने की समीक्षा हो सके।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए आयोग द्वारा बनाई गई नीति के तहत उक्त सुझाव दिए गए हैं। सीएक्यूएम मॉडल में कहा गया कि दिल्ली-एनसीआर में 2015 के बाद से वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क को विस्तार देने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

इस क्षेत्र में वर्तमान में 146 निगरानी स्टेशन हैं जिनमें से 65 ‘मैनुएल’ हैं और 81 ‘रियल टाइम’ स्टेशन हैं।

दिल्ली में 50 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं। इसके अलावा गुरुग्राम में 11, गाजियाबाद में आठ, गौतम बुद्धनगर में 12, फरीदाबाद में पांच, बागपत में चार और झज्जर, सोनीपत और रोहतक में तीन-तीन स्टेशन स्थित है।

अलवर, भरतपुर, भिवानी, बुलंदशहर, चरखी दादरी, हापुड़, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पानीपत, रेवाड़ी, शामली, मेवात और पलवल में कुल 146 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं।

आयोग ने कहा, “देश में सभी रियल टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन में से एक चौथाई दिल्ली एनसीआर में हैं लेकिन इनकी निगरानी के संदर्भ में असमानता है। अधिकांश निगरानी स्टेशन शहरी इलाकों में हैं। दिल्ली में जहां 50 प्रतिशत रियल टाइम निगरानी स्टेशन हैं, वहीं बाकी के मॉनिटर फरीदाबाद, गौतमबुद्ध नगर , गाजियाबाद और गुरुग्राम शहरों में हैं।”

भाषा यश मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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