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Wednesday, 18 March, 2026
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नकवी और आरसीपी सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया

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नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्रियों मुख्तार अब्बास नकवी और राम चंद्र प्रसाद सिंह ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार सौंपा जाए।

कैबिनेट मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके मौजूदा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अलावा इस्पात मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान देश व लोगों की सेवा के लिए दोनों नेताओं की सराहना की थी।

प्रधानमंत्री की सराहना को इस संकेत के रूप में देखा गया था कि आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक दोनों नेताओं के लिए आखिरी थी। दोनों नेताओं का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल सात जुलाई यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है।

नकवी को भाजपा ने पिछले दिनों हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। आरसीपी सिंह जनता दल यूनाइटेड के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री थे। उन्हें भी जदयू ने अगला कार्यकाल नहीं दिया है। सिंह के पास इस्पात मंत्रालय का प्रभार था।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कभी बेहद करीबी रहे सिंह का आज जन्मदिन भी था। प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी। एक साल पहले ही वह जदयू कोटे से केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य बने थे।

सिंह के इस्तीफे के बाद अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में भाजपा के सहयोगी दलों के दो ही सदस्य बचे हैं। इनमें अपना दल की अनुप्रिया पटेल और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले शामिल हैं।

वहीं, नकवी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री थे। वह राज्यसभा में भाजपा के उपनेता हैं।

नकवी के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मुस्लिम समुदाय का एक भी सदस्य नहीं है। साथ ही राज्यसभा में उनका कार्यकाल समाप्त होते ही संसद के दोनों सदनों में भाजपा के करीब 400 सांसदों में एक भी सदस्य मुस्लिम समुदाय का नहीं होगा।

भाजपा ने जब नकवी को राज्यसभा के लिए फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया तभी से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि पार्टी उन्हें उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उम्मीदवार बना सकती है या किसी अन्य प्रमुख पद की जिम्मदारी सौंप सकती है। छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है।

अब चूंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल में दो पद खाली हैं और उसके सबसे बड़े व पुराने सहयोगी जदयू का भी कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, लिहाजा मंत्रिपरिषद विस्तार या फेरबदल की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

आरसीपी सिंह जनता दल यूनाइटेड के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री थे। उन्हें भी जदयू ने अगला कार्यकाल नहीं दिया है। सिंह के पास इस्पात मंत्रालय का प्रभार था।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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