Saturday, 2 July, 2022
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‘कीलें चुभाई गईं, पेशाब पीने को मजबूर किया’ : राजस्थान RTI कार्यकर्ता ने बताया, उस पर काम की वजह से हुआ हमला

अमरा राम ने इस महीने बाड़मेर ग्राम पंचायत में दो सरकारी योजनाओं में कथित तौर पर भ्रष्टाचार और शराब के अवैध व्यापार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस का कहना है कि मारपीट के आरोप में अब तक चार गिरफ्तारियां की गईं हैं.

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नई दिल्ली: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता का मंगलवार शाम को कथित तौर पर अपहरण कर उसे काफी देर तक प्रताड़ित किया गया और फिर सड़क किनारे लगभग मृत अवस्था में छोड़ दिया गया. अमरा राम नाम के यह 30 वर्षीय शख्स इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं

अमरा राम के अनुसार, उन्होंने कुछ दिनों पहले ही बाड़मेर के कुंपालिया ग्राम पंचायत में दो सरकारी योजनाओं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और पीएम आवास योजना, में व्याप्त ‘भ्रष्टाचार’ के साथ-साथ ‘शराब के अवैध व्यापार’ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी.

उन्होंने आरोप लगाया है कि इसी वहज से ‘शराब के धंधेबाज और कुंपालिया के वर्तमान और पूर्व सरपंच मुझसे नाराज हैं’.

इस सिलसिले में दिप्रिंट से बात करते हुए, बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक भार्गव ने कहा कि इस हमले, जिसकी वजह से अमरा राम के पैर की हड्डी टूट गयी है और रीढ़ में भी गहरी चोट लगी है, को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. बाड़मेर के एसपी ने बताया, ‘फ़िलहाल उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर एवं स्थिर है. उनका बयान दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे जांच की जा रही है.’

इन अधिकारी ने यह भी बताया कि अब तक चार लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें भूपेंद्र नाम का शख्स भी शामिल है, जो पड़ोसी गांव पारेउ के सरपंच का बेटा है.

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एक पुलिस सूत्र ने कहा कि इस मामले में पीड़ित शख्स द्वारा नामजद किया गया मुख्य आरोपी पूर्व कुंपालिया सरपंच नागराज है, जिसके इस हमले से सम्बन्ध की जांच की जा रही है’.

पुलिस सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि नागराज गोदारा एक पुराने आपराधिक इतिहास वाला आदमी है और उसके खिलाफ हिंसा और हमले के कई मामले दर्ज हैं. कुंपालिया की वर्तमान सरपंच ममता उसकी पत्नी हैं.

एसपी भार्गव ने कहा कि केवल जांच से यह ही पता चल सकता है कि इस हमले के पीछे कौन-कौन है.


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‘उनका कहना था कि हम तुमको कानून सिखाएंगे’

अपनी शिकायत, जिसकी एक प्रति दिप्रिंट के पास भी उपलब्ध है, में अमरा राम ने आरोप लगाया है कि मंगलवार शाम 7 बजे के आसपास जोधपुर से लौटते समय एक काले रंग की एसयूवी में उनका अपहरण कर लिया गया और फिर उन्हें लगभग 5-6 किमी दूर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया.

उन्होंने बताया कि करीब एक घंटे की कड़ी प्रताड़ना और पिटाई के बाद उन्हें गाड़ी से उसी जगह वापस फेंक दिया गया जहां से उन्हें पहले उठाया गया था.

इस शिकायत में अमरा राम ने कहा है कि ‘जब मैं अपने घर वापस जा रहा था तभी छह लोगों ने मुझे जबरन रोका. उन सब के चेहरे ढके हुए थे. मैंने वहां से भागने की लेकिन कामयाब नहीं हो सका. फिर उन्होंने मुझे जबरदस्ती कार में बिठाया. दो अन्य लोग अंदर बैठे थे और वे मुझे एक सुनसान जगह पर ले गए.’

इसमें आगे लिखा गया है, ‘उन लोगों ने मेरा फोन छीन लिया और मुझे पीटना शुरू कर दिया. उनका कहना था कि मैं कुंपालिया के पूर्व सरपंच नागराज, वर्तमान सरपंच ममता और शराब का व्यापार करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर रहा हूं.’

अमरा राम ने आरोप लगाया है कि उसके पूरे शरीर पर तारों, जंजीरों, डंडों और रॉड से वार किए गए. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पैरों में कीलों से छेद किया गया था और उसे जबरन पेशाब से भरी बोतल पीने को कहा गया था.

दिप्रिंट ने अस्पताल में ली गयीं उनकी तस्वीरें और वीडियो देखे हैं जिनमें दिखाई दे रहा है कि उनकी पीठ के निचले हिस्से और निजी अंगों पर नुकीली चीजों से प्रहार किया गया था. उनके दोनों पैर घुटने के नीचे गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त दिख रहे हैं.

अमरा राम की शिकायत के अनुसार, उनके हमलावरों ने उन आरटीआई गतिविधियों का भी उल्लेख किया जिसमें वह शामिल रहे हैं

शिकायत में कहा गया है ‘उन्होंने मुझसे कहा कि मैं शराब के अवैध व्यापार और ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करता हूं, कि मैं आरटीआई याचिका दायर करता हूं … [उन्होंने कहा] आज हम तुमको कानून सिखाएंगे. फिर उन्होंने आपस में चर्चा की कि नागराज को सूचित किया जाना चाहिए कि उसके द्वारा दिए निर्देश के अनुसार अमरा राम की हत्या कर दी गई है.’


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आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा शिकायत दर्ज कराने पर उन्हें ‘धमकी’ दी गई

राम ने पुलिस को दी गयी अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने 15 दिसंबर को गिदा थाने में शराब के कथित तौर पर अवैध कारोबार और ग्राम पंचायत से पनप रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

उनका कहना है कि (उनकी शिकायत के बाद) 19 दिसंबर को पुलिस ने छापेमारी की और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया.

यह पूछे जाने पर कि क्या नागराज का इस हमले से कोई संबंध है, पुलिस ने कहा कि फ़िलहाल मामले की जांच की जा रही है.

दो बच्चों, दो साल के बेटे और पांच साल की बेटी, के पिता अमरा राम ने कहा कि उन्हें ‘पिछले कुछ दिनों के दौरान गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी’.

एसपी भार्गव ने दिप्रिंट के साथ बातचीत में पुष्टि की कि शराब के कथित तौर पर अवैध कारोबार और भ्रष्टाचार के बारे में अमरा राम की शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि केवल जांच से ही पता लगा सकती है कि हमले के पीछे कौन लोग हैं.

इस बीच, पीड़ित के बड़े भाई भीमा राम ने दिप्रिंट को बताया कि अमरा राम पिछले पांच या छह वर्षों से एक आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा है और उसे बार-बार धमकियां भी दी गईं हैं.

पीड़ित के एक दोस्त रौता राम ने कहा, ‘उसे बांध दिया गया था और काफी ज्यादा क्रूरता के साथ पीटा गया था. हम भाग्यशाली हैं कि वह अभी भी जीवित है.’

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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