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Monday, 15 July, 2024
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रेल पटरियों पर मृत मिले MP के छात्र ने ‘15 ऐप्स से लिया था कर्ज , पुलिस का दावा- ‘बकाया के लिए मिली थी धमकी’

पुलिस का कहना है कि निशंक राठौड़ ‘चीनी लोन ऐप्स’ इस्तेमाल कर रहा था. उसका ये भी कहना है कि सबूतों से संकेत मिलता है कि उसने ख़ुद ही ‘सर उड़ाने की चेतावनी’ पोस्ट और मैसेज की थी.

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भोपाल: भोपाल के इंजीनियरिंग छात्र निशंक राठौड़ की रहस्यमयी मौत का संबंध, जिसकी लाश इस रविवार रेल पटरियों पर पाई गई थी, ‘चीनी लोन ऐप्स’ के एजेंटों द्वारा किए जा रहे ‘ब्लैकमेल’ से हो सकता है. कहा जा रहा है कि स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) को मामले की तफतीश के दौरान ये पता चला है.

पुलिस ने कहा है कि इस मामले में अभी तक मिले सबूत हत्या की बजाय ख़ुदकुशी की ओर इशारा करते हैं. ख़ुदकुशी की बात को निशंक के व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से भेजे गए गुप्त संदेशों से बल मिलता है, जिनमें कहा गया है कि सर क़लम करना पैग़म्बर मोहम्मद का अपमान करने की उचित सज़ा है.

मध्य प्रदेश पुलिस सूत्रों के अनुसार, राठौड़ ने अलग अलग एप्स और दोस्तों से 8,000 रुपए उधार लिए थे, और उस पैसे से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था. सूत्रों ने आगे कहा कि पिछले दो या तीन महीनों में राठोड़ को कई कॉल्स और मैसेज़ मिले थे, जिनमें से कुछ धमकाने वाली प्रकृति के थे.

एक पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, ‘बहुत सी चीनी लोन एप्स के काम करने का ये एक आम तरीक़ा है, जो भारत में ऊंचा ब्याज वसूलती हैं. एक बार वो कर्ज़ दे दें और उन्हें समय पर भुगतान न मिले, तो फिर वो लोगों को परेशान करने लगती हैं, और उन्हें धमकाती रहती हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘निशंक के लिए वो रक़म भले ही छोटी हो, लेकिन ये तय हो गया है कि उसे अकसर धमकियां मिल रहीं थीं. उसने 15 से अधिक चीनी एप्स से कर्ज़ लिया हुआ था. ये एक आम बात हो गई है.’

कम से कम दो साल से भारत में अधिकारी ऐसे चीनी लोन एप्स पर नज़र रखने की कोशिश कर रहे हैं, जो अपने ग्राहक का ब्योरा (केवाईसी) जाने बिना तेज़ी के साथ अल्प-कालिक कर्ज़ दे देते हैं, लेकिन उसके लिए ऊंचा ब्याज वसूलते हैं. जांचकर्त्ताओं के अनुसार, ऐसे बहुत से एप्स मोबाइल फोन्स से निजी जानकारियां निकाल लेते हैं, और फिर इस जानकारी की मदद से कर्ज़दारों को भुगतान करने के लिए ‘ब्लैकमेल’ करते हैं.

ख़ुदकुशी के कई मामलों का संबंध ऐसे एप्स के रिकवरी एजेंट्स के हाथों उत्पीड़न से जोड़ा गया है.

पुलिस ने कहा कि राठौड़ के मामले में, एप्स और कॉल डिटेल्स के सबूत उन्हें उसके फोन से मिले, जो पटरियों पर पड़े उसके शव से बरामद किया गया. अभी तक पुलिस किसी ऐसे व्यक्ति की पहचान नहीं कर पाई है, जो इन लोन कंपनियों की ओर से इसमें शामिल हो.

पुलिस का कहना है कि फिलहाल ऐसा ज़ाहिर नहीं होता, कि राठौड़ की मौत का उसकी आख़िरी इंस्टाग्राम कहानी और एक व्हाट्सएप मैसेज से कोई संबंध है, जो उसने ज़ाहिरी तौर पर अपने पिता को ये कहते हुए भेजा था: ‘राठौड़ साहब, बहुत बहादुर था आपका बेटा, गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा सर तन से जुदा.’

इन संदेशों से सोशल मीडिया में अटकलें शुरू हो गईं थीं, कि राठौड़ की मौत दरअस्ल एक हत्या हो सकती है, जिसका ताल्लुक़ उसके अपनी हिंदू पहचान के बारे में ‘मुखर’ होने से हो सकता है.

लेकिन, रायसेन के पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल ने दिप्रिंट से कहा, कि इस मामले में अभी तक कोई ‘हत्या का एंगल नहीं है’, और ऐसा लगता है कि राठौड़ ने ख़ुद ही इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट की थी, और मैसेज भी ख़ुद ही भेजा था. उन्होंने उन कथित धमकियों पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया, जो राठौड़ को लोन ऐप्स से मिल रहीं थीं.


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‘संपादित फोटो और सर तन से जुदा पोस्ट राठौड़ के फोन से भेजी गई’

एसपी सहवाल ने कहा कि राठौड़ के फोन पर उसकी सर्च हिस्ट्री से संकेत मिलता है, कि मरने से कुछ दिन पहले वो‘सर तन से जुदा’ लेखों की तलाश कर रहा था.

सूत्रों ने आगे कहा कि इसके अलावा, उसके फोन की फॉरेंसिक जांच से पता चला है, कि उसकी मौत से कुछ घंटे पहले ही उसके पिता को मिला ‘सर तन से जुदा’ संदेश, दरअसल उसके अपने फोन से आया था. ऐसा कोई सबूत नहीं है कि किसी और की उसके मोबाइल फोन तक पहुंच थी.

एसपी ने कहा, ‘निशंक मरने से तीन-चार दिन पहले ‘सर तन से जुदा’ लेखों की तलाश कर रहा था. ये उसके फोन की सर्च हिस्ट्री से पता चला है. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर संपादित तस्वीर भी उसके फोन से ही भेजी गई थी. अभी तक किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं’.

एसपी ने आगे कहा कि इसका भी कोई संकेत नहीं है कि राठौड़ का फोन किसी और के कब्ज़े में था.

उन्होंने कहा, ‘उसके फोन का उपयोग कहीं और से नहीं हुआ था, जिस तरीक़े से वो अपने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर जाता था, उसका पैटर्न भी वही था. इसलिए, ये निश्चित लगता है कि उसका फोन चुराया नहीं गया था, और किसी दूसरे के पास भी नहीं था’.

निशंक राठौड़ की लाश, जो कथित रूप से दो हिस्सों में कट गई थी, पिछले रविवार को रायसेन ज़िले के मिदघाट स्टेशन के पास रेल पटरियों पर मिली थी, जो भोपाल से 60 किलोमीटर से भी दूर है. जहां रायसेन पुलिस का कहना था कि ये साफतौर से आत्महत्या जैसा मामला दिखता है, वहीं उसके परिवार ने ज़ोर देकर कहा कि उसकी हत्या हुई थी.

छात्र की मौत से पहले की रहस्यमयी परिस्थितियां और ख़तरनाक संदेशों से भी, इसके एक धार्मिक भावना से प्रेरित हत्या होने की अफवाहों, तथा #JusticeforNishank जैसे हैशटैग्स को हवा मिली.

‘सर तन से जुदा’ वाक्य को हाल ही में पूर्व बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ चरम प्रतिक्रिया से जोड़कर देखा जाने लगा है, जिनकी पैग़म्बर मोहम्मद के बारे में की गई टिप्पणियों ने एक विवाद खड़ा कर दिया था.

मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम का गठन मध्य प्रदेश गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया था.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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