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Friday, 16 January, 2026
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मप्र : भागीरथपुरा के 30 फीसद हिस्से में साफ पानी पहुंचाने का दावा, महापौर ने नल का पानी पीकर दिखाया

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इंदौर (मप्र), 16 जनवरी (भाषा) इंदौर प्रशासन ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने नगर निगम की पाइपलाइन के रिसावों को दुरुस्त करते हुए भागीरथपुरा के करीब 30 फीसद हिस्से में साफ पानी पहुंचाने की व्यवस्था बहाल कर दी है।

इस बात की तसदीक के लिए खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा में इस पाइपलाइन से जुड़े नलों के जरिये घरों में आने वाला पानी पीकर दिखाया और कहा कि यह शुद्ध है।

भागीरथपुरा, दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से कई लोगों की मौत को लेकर सुर्खियों में है।

महापौर ने जलप्रदाय की स्थिति जानने के लिए इस क्षेत्र का दौरा किया।

उन्होंने कहा कि सुधार कार्यों के बाद पिछले तीन दिनों के दौरान भागीरथपुरा में नगर निगम की पाइपलाइन से जलापूर्ति करके पानी के कई नमूने लिए गए और जांच में पानी साफ पाया गया।

भार्गव ने कहा,‘‘सभी जांचों में पेयजल सुरक्षित पाए जाने के बाद भागीरथपुरा के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में नगर निगम की पाइपलाइन के जरिये जलापूर्ति बहाल कर दी गयी है। इस हिस्से में लगभग 15,000 लोग रहते हैं।’’

इंदौर, पानी की अपनी जरूरतों के लिए नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की बिछाई पाइपलाइन के जरिये नर्मदा नदी के पानी को पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाया जाता है।

भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।

मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है।

इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति की ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से भी हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

भाषा हर्ष राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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