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Saturday, 21 February, 2026
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मप्र: भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस का चौहान पर हमला

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भोपाल, 21 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि वह देश के किसानों के साथ नहीं खड़े हैं।

पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यहां संयुक्त रूप से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस समझौते के विरोध में देशभर में ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत 24 फरवरी को भोपाल में होगी, जिसमें राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे।

पटवारी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री चौहान किसानों के मुद्दे पर उनके साथ खड़े नहीं हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह समझौता किसानों का अपमान है। मध्यप्रदेश के किसान चुप नहीं बैठेंगे।’’

पटवारी ने यह भी कहा कि विदिशा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चौहान के गृह क्षेत्र में किसानों की ‘चौपाल’ आयोजित की जाएगी, साथ ही बुधनी और विदिशा में पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा।

चौहान पहले बुधनी विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रह चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के किसानों को अमेरिका के हाथों बेच दिया है।’’

हरीश चौधरी ने कहा कि वर्ष 1965 और 1971 में अमेरिका द्वारा खाद्यान्न आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों से भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जिसके बाद हरित क्रांति के जरिए देश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना।

उन्होंने आगाह किया कि प्रस्तावित व्यापार समझौते से देश में फिर से ऐसे हालात बन सकते हैं।

चौधरी ने कहा, ‘‘यदि अमेरिका से सोयाबीन का आयात होता है तो किसानों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। कपास के मामले में भारत आत्मनिर्भर है, इसके बावजूद आयात से किसानों की आय और खपत पर सीधा असर पड़ेगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यापार व्यवस्था अमेरिका के सामने भारत का ‘आत्मसमर्पण’ है और इससे लाखों छोटे उद्योगों और कारखानों पर ताला लग सकता है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह व्यापार समझौता राष्ट्रीय हित में नहीं है।

भाषा दिमो खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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