ठाणे, तीन अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अपने अभियान को तेज करते हुए बृहस्पतिवार को ठाणे में एक निजी बैंक से अपनी शाखा में मराठी भाषा के बोर्ड लगाने को कहा।
इस दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने वहां अंग्रेजी में लिखा हुआ बोर्ड हटा दिया।
मनसे के ठाणे शहर अध्यक्ष रविंद्र मोरे पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ वर्तक नगर स्थित कर्नाटक बैंक की शाखा पहुंचे और प्रबंधक से अंग्रेजी में लिखे बोर्ड हटाकर मराठी भाषी बोर्ड लगाने की मांग की।
मोरे ने कहा, ‘हमने उन्हें मराठी में इस मुद्दे की गंभीरता से अवगत कराया और बताया कि क्या अपक्षेा की जाती है। शाखा प्रबंधक ने जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।’
मनसे ठाणे इकाई के प्रवक्ता ने कहा कि बैंक ने एक सप्ताह के भीतर मराठी बोर्ड लगाने की सहमति जताई है।
राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थानों, खासकर बैंकों में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान चला रही है।
प्रतीकात्मक रूप से, मनसे कार्यकर्ताओं ने शाखा प्रबंधक को मराठी ‘बाराखड़ी’ (अक्षरमाला) की पुस्तकें भेंट कीं।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि बैंक निर्धारित समय सीमा में मराठी बोर्ड नहीं लगाता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब मनसे कार्यकर्ताओं ने ठाणे और पुणे जिलों में दो अलग-अलग राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रबंधकों से ग्राहकों से मराठी में बातचीत नहीं करने को लेकर सवाल उठाया।
ये घटनाएं बुधवार को ठाणे जिले के अंबरनाथ और पुणे के लोनावला में हुईं थी और इनके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गए।
वीडियो में मनसे कार्यकर्ताओं को भारतीय स्टेट बैंक की लोनावाला शाखा
के प्रबंधक से मराठी में संवाद नहीं करने को लेकर बहस करते और चेतावनी देते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान, जब बैंक का एक मराठी-भाषी कर्मचारी हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है, तो कुछ कार्यकर्ता उसे थप्पड़ मारते और ‘केबिन’ से बाहर धकेलते नजर आते हैं।
इस मामले में पुलिस ने एक मनसे कार्यकर्ता के खिलाफ गैर-संज्ञेय अपराध दर्ज किया है।
भाषा राखी पवनेश
पवनेश
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