कोलकाता, चार अप्रैल (भाषा) अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने शुक्रवार को यहां पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर विरोध प्रदर्शन किया और वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बृहस्पतिवार को देर रात 13 घंटे की लंबी बहस के बाद राज्य सभा ने विधेयक को पारित कर दिया और इसके साथ ही इसे संसद की मंजूरी मिल गई।
सैकड़ों मुसलमान इस विवादास्पद विधेयक के प्रति अपना विरोध व्यक्त करने के लिए महानगर की सड़कों पर उतर आए तथा कई अल्पसंख्यक संगठन भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, ‘यह विधेयक देश को बांटने के लिए भाजपा की चाल है। उन्होंने अपने बहुमत के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विधेयक पारित करा दिया है। हम इस तानाशाही दृष्टिकोण का विरोध करते हैं। यह न केवल मुस्लिम संपत्तियों को जब्त करने का प्रयास है, बल्कि हमें बदनाम करने का भी प्रयास है।’
प्रदर्शनों के कारण क्षेत्र में यातायात बाधित हो गया तथा बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हो गए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वक्फ विधेयक पेश करने के लिए भाजपा की आलोचना की है और उस पर देश को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
बनर्जी ने संकल्प लिया कि जब ‘मौजूदा सरकार को हटाकर नई सरकार बनेगी’ तो वह विधेयक को निष्प्रभावी करने के लिए संशोधन लाएंगी।
संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई और उन्होंने इसे ‘मुस्लिम विरोधी’ और ‘असंवैधानिक’ करार दिया, जबकि सरकार ने जवाब दिया कि इस ‘ऐतिहासिक सुधार’ से अल्पसंख्यक समुदाय को लाभ होगा।
विधेयक को राज्य सभा में 95 के मुकाबले 128 मतों से पारित कर दिया गया।
बुधवार देर रात इसे लोकसभा ने अपनी मंजूरी दे दी थी जिसमें 288 सदस्यों ने इसके समर्थन में तथा 232 ने इसके विरोध में मतदान किया।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.