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Tuesday, 17 March, 2026
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तबादलों पर मंत्री, डाक्टरों के संगठन और कर्मचारी संगठन ने उठाये सवाल

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लखनऊ, पांच जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों और कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों ने विवाद का रूप ले लिया हैं । विभाग की स्थानांतरण नीति पर सूबे के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सवाल उठाते हुए अधिकारियों से जवाब तलब किया है। इसके अलावा डाक्टरों के संगठन प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ, उप्र और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी विभाग को कटघरे में खड़ा किया हैं ।

वहीं इस बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा हैं कि यह विभाग का आंतरिक मामला हैं, इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री को जवाब दिया जा रहा हैं । मीडिया को इस बारे में कुछ नही बताया जा सकता हैं ।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर सवालिया निशान लगाते हुए सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों के संगठन प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उप्र (पीएमएसए) ने मंगलवार को कहा कि तबादला सूची में दो ऐसे डाक्टरों का तबादला भी कर दिया गया है जिनका पूर्व में निधन हो चुका हैं ।

संघ ने आरोप लगाया कि तबादला नीति में नियमों का खुले आम उल्लंघन किया गया हैं जिसके विरोध में संघ का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मिलेगा ।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में मौजूदा सत्र में हुए तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान सत्र में जो भी स्थानांतरण किये गये हैं उनमें स्थानांतरण नीति का पूर्णत: पालन नहीं किया गया है। इसके लिए उन्होंने अपर मुख्‍य सचिव (एसीएस) चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य को कारण स्पष्ट करते हुए संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री मंयकेश्वर सिंह ने भी विभाग के महानिदेशक से मंडलीय कार्यालयों में अधिकतम सात वर्ष पूर्ण करने वाले चिकित्साधिकारियों के बारे में तथा अन्य कर्मचारियों की स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा था ।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल कर्मचारियों के नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण का संज्ञान लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से शिकायत की है। उन्होंने निदेशक पैरामेडिकल द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए जांच कराने की मांग की है।

पीएमएसए संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा सचिन वैश्य ने पीटीआईभाषा से कहा,”इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के तबादले में स्थानांतरण नीति का पूर्णत: पालन नहीं किया गया हैं । यहां तक कि मृत चिकित्सकों के भी तबादले कर दिए गये हैं । चित्रकूट में अपर मुख्य चिकित्साधिकरी के पद पर तैनात डा. दीपेंद्र सिंह का निधन जून माह में हो गया था । उनका स्थानान्तरण उनके निधन के बाद इसी पद पर प्रयागराज कर दिया गया है । इसी प्रकार बाराबंकी जिले में उप मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डा. सुधीर चंद्रा का निधन करीब एक माह पहले हो गया था ।उनके निधन के बाद उनका तबादला फतेहपुर जिले में कर दिया गया हैं ।”

उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्थानांतरण नीति में दांपत्य नीति का पालन नही किया गया हैं । नियम यह हैं कि विभाग में कार्यरत चिकित्सक पति पत्नी का तबादला एक ही जिले में किया जाना चाहियें लेकिन पीएमएसए संघ के पास करीब एक दर्जन ऐसे चिकित्सकों की शिकायतें आयी हैं जिसमें पति पत्नी का तबादला अलग अलग जनपदों में कर दिया गया हैं ।

डा वैश्य ने कहा कि इस वर्ष स्थानांतरण नीति में चिकित्सकों के तबादलें में हुई इन सब खामियों की शिकायत करने के लिए पीएमएसए के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही उप्र के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मिलेगा ।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कहा कि इस वर्ष स्थानांतरण नीति में समूह ग के कर्मचारियों के लिए केवल पटल परिवर्तन की व्यवस्था की गई थी। जो कर्मचारी पटल परिवर्तन की परिधि से बाहर थे, अथवा स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण चाह रहे थे ,पति-पत्नी का समायोजन, पदोन्नति पर समायोजन, प्रशासनिक आधार पर समायोजन के लिए 10 प्रतिशत की सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन स्वास्थ्य महानिदेशक एवं निदेशक पैरामेडिकल ने स्थानांतरण नीति की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने ढंग से स्थानांतरण कर दिए।

तिवारी ने पैरामेडिकल कर्मचारियों के नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण का संज्ञान लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से शिकायत की है। उन्होंने निदेशक पैरामेडिकल द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए जांच कराने की मांग की है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में मौजूदा सत्र में हुए तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वर्तमान सत्र में जो भी स्थानांतरण किये गये हैं उनमें स्थानांतरण नीति का पूर्णत: पालन नहीं किया गया है। इसके लिए उन्होंने अपर मुख्‍य सचिव (एसीएस) चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य को कारण स्पष्ट करते हुए संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दोबारा बनी सरकार में चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्‍याण तथा मातृ शिशु कल्‍याण विभाग संभाल रहे उप मुख्‍यमंत्री पाठक ने मौजूदा सत्र में हुए स्थानांतरण की खामियों का जिक्र करते हुए सोमवार को अपर मुख्‍य सचिव, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। पाठक का यह पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया है।

इस बारे में पूछे जाने पर ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ”मेरे संज्ञान में लाया गया है वर्तमान सत्र में जो भी स्थानांतरण किये गये हैं, उनमें स्थानांतरण नीति का पूर्णत: पालन नहीं किया गया हे। अतः: जिन जिन का स्थानांतरण किया गया है उनके स्थानांतरण किये जाने का कारण स्पष्ट करते हुए अपर मुख्‍य सचिव से उनका संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।”

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में जून में पहले पखवाड़े में मंत्रिपरिषद की बैठक में स्थानांतरण सत्र 2022-23 के लिए तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी।

स्वास्थ्य महकमे में हुए तबादलों की शिकायत मिलने के बाद एसीएस को भेजे अपने पत्र में पाठक ने कहा है कि ” मुझे यह भी अवगत कराया गया है कि लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित बड़े अस्पतालों जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की अत्यंत आवश्यकता है, वहां से बड़ी संख्या में डॉक्टरों को हटा तो दिया गया है, लेकिन उनके स्‍थान पर प्रतिस्‍थानी की नियुक्तियां नहीं की गई हैं। ”

तबादलों की खामियों को गिनाते हुए उप मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि ”लखनऊ प्रदेश की राजधानी है, यहां ऐसे भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहले से ही कमी है तथा प्रदेश के हर जनपद से गंभीर मरीजों को लखनऊ के लिए रेफर करके भेजा जाता है ताकि उनका समुचित इलाज संभव हो सके। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों का स्थानांतरण कर देने व उनके स्थान पर किसी को तैनात न करने के फलस्‍वरूप चिकित्‍सा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्या किया जा रहा है।”

पाठक ने इसका भी पूरा ब्यौरा मांगा है।

उप मुख्‍यमंत्री ने अपर मुख्‍य सचिव से यह भी पूछा है कि जिन जिन डॉक्टरों का तबादला किया गया है, क्या यह सत्यापित कर लिया गया है कि स्थानांतरित डॉक्टरों की अवधि से अधिक समय से तैनात कोई भी चिकित्‍साधिकारी उस जिले, मंडल और अस्पताल में अब कार्यरत नहीं है। उन्होंने सम्‍बद्ध चिकित्‍सा अधिकारियों का विवरण समेत पूरा ब्यौरा मांगा है।

इस बारे में अपर मुख्‍य सचिव (एसीएस) चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अमित मोहन प्रसाद ने पीटीआई भाषा से कहा,” यह विभाग का आतंरिक मामला हैं, इसका जवाब मैं मंत्री जी :ब्रजेश पाठक: को दूंगा । इस बारे में मीडिया से बात नहीं करूंगा ।”

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में उप मुख्यमंत्री बनाये गये पाठक को चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्‍याण तथा मातृ शिशु कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने अव्‍यवस्‍था दूर करने के लिए अस्‍पतालों का निरीक्षण और दौरा शुरू किया और मरीजों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये।

भाषा जफर संजय आनंद रंजन नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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