जयपुर, 30 जनवरी (भाषा) राजस्थान सरकार के अनुसार दिसंबर 2025 तक दो साल में राजस्थान में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 12 लोगों की मौत हुई। सरकार ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रताप सिंह सिंघवी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में सरकार ने कहा कि इनमें से दो मौतें जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में गलत ग्रुप का खून चढ़ाने के कारण हुईं।
इसके अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल सचिन शर्मा (23) को एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक्स विभाग में भर्ती करवाया गया था। उनकी कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 23 फरवरी 2024 को मौत हो गई। एक अन्य मरीज चैना देवी (23) को मई 2025 में मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था और वे गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। उनकी भी मौत हो गई। इसके अनुसार इन दोनों की मौत गलत ‘ब्लड ग्रुप’ चढ़ाने के कारण हुई।
सरकार ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण कुल 12 मौतें दर्ज की गईं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान नकली या अमानक दवाओं के इस्तेमाल से कोई मौत नहीं हुई।
जवाब में कहा गया है कि इन मामलों की जांच के बाद 34 चिकित्सक/कर्मचारियों को निलंबित/बर्खास्त या दंडित किया गया है और किसी भी मामले में कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
सरकार ने सदन को यह भी बताया कि एक जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के दौरान ‘ब्लड सेंटरों’ के 401 निरीक्षण किए गए। इस दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर 85 लाइसेंस निलंबित किए गए, सात लाइसेंस निरस्त किए गए और 272 ब्लड सेंटरों को चेतावनी जारी की गई।
सरकार ने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत दवा विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण किया जाता है और गुणवत्ता परीक्षण के लिए दवाओं के नमूने लिए जाते हैं।
इसी अवधि के दौरान दवा विक्रेताओं के 69,609 निरीक्षण किए गए। अनियमितताएं पाए जाने पर 12,043 लाइसेंस निलंबित किए गए और 1,637 लाइसेंस निरस्त किए गए।
भाषा
पृथ्वी
रवि कांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
