नैनीताल, पांच अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शनिवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह ऋषिकेश में अवैध निर्माण और इन्हें नियमित (कम्पाउडिंग) करने की स्थिति को स्पष्ट करते हुए हलफनामा दाखिल करें।
गढ़वाल आयुक्त और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष पेश हुए।
ऋषिकेश निवासी पंकज अग्रवाल व अन्य ने आवास विकास ऋषिकेश में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए पूर्व में याचिका दायर की थी।
याचिका के अनुसार, शिकायतों के बाद ऐसे निर्माणों को सील किया जा रहा था, लेकिन बाद में शिकायतें वापस ले ली जा रही हैं और निर्माण को और नियमित किया जा रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि स्वीकृत नक्शे से के बिना इस तरह के अवैध निर्माण पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं।
इस बीच अदालत ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
भाषा नोमान संतोष
संतोष
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