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Saturday, 17 January, 2026
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गुटखा तस्करों के खिलाफ प्रभावी इस्तेमाल के लिए मकोका में संशोधन किया जाएगा: फडणवीस

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नागपुर, नौ दिसंबर (भाषा) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) में संशोधन किया जाएगा ताकि गुटखा, पान मसाला और चरस जैसे प्रतिबंधित पदार्थों के तस्करों और वितरकों के खिलाफ इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में यह बयान दिया। फडणवीस गृह मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे हैं।

राज्य में गुटखा प्रतिबंधित है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, “हमने कानून में संशोधन के लिए गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है ताकि प्रतिबंधित पदार्थों के आदतन तस्करों और वितरकों पर इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सके।”

विधानसभा में सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रशांत ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया जबकि शेख ने जानना चाहा कि गुटखा और इसी तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ मकोका के कड़े प्रावधानों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले तो दर्ज किये जा रहे हैं लेकिन मौजूदा कानूनी प्रावधान कमजोर हैं।

उन्होंने कहा, “अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए कानून को अधिक सख्त और प्रभावी बनाने की जरूरत है।”

फडणवीस ने बताया कि राज्य भर में गुटखा, मावा, सिगरेट, सुपारी, पान मसाला, चरस और गांजा की तस्करी या बिक्री के संबंध में बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें नवी मुंबई (1,144), अहमदनगर (185), जालना (90), अकोला (35), नासिक (133), चंद्रपुर (230), सोलापुर (108), बुलढाणा (634), नागपुर (49) और यवतमाल (1,706) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुटखा प्रतिबंध के उल्लंघन के लिए भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 123, 274 और 275 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

भाषा जितेंद्र सिम्मी

सिम्मी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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