scorecardresearch
Saturday, 7 March, 2026
होमदेशएमसीडी-डीटीटीडीसी मिलकर 'टाउन हॉल' को सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की योजना पर कर रहे काम

एमसीडी-डीटीटीडीसी मिलकर ‘टाउन हॉल’ को सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की योजना पर कर रहे काम

Text Size:

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ऐतिहासिक ‘टाउन हॉल’ को सार्वजनिक उपयोग के लिए एक सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की खातिर दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के साथ मिलकर एक योजना पर काम कर रहा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मूल विचार चांदनी चौक स्थित 160 साल पुराने परिसर के एक हिस्से का उपयोग सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए करने का था। इसके साथ ही, सिटी सदर पहाड़गंज जोनल कार्यालय को टाउन हॉल स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जा रहा था।

अधिकारियों ने कहा कि हालांकि नगर निकाय अब इसके संरक्षण, जीर्णोद्धार और पुन: उपयोग पर विचार कर रहा है, ताकि इसके विरासत स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसे ‘राजस्व-साझाकरण’ व्यवस्था के तहत जनता के लिए खोला जा सके।

डीटीटीडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘हम इमारत के पूर्ण नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के लिए एक प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक होगी लेकिन वास्तविक लागत अभी निर्धारित नहीं की गई है।’

एक अधिकारी के अनुसार, ‘अन्य एजेंसियों से संपर्क करने के बाद, डीटीटीडीसी इस ऐतिहासिक इमारत को दिल्ली और निगम के इतिहास को दर्शाने वाले सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है।’

अधिकारियों ने बताया कि 1860 से 1863 के बीच निर्मित यह संरचना 13,000 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंड पर फैली हुई है और इसमें तीन इमारतें हैं।

एक अधिकारी ने कहा, ‘हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या भविष्य में इसकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए टिकट प्रणाली लागू की जानी चाहिए। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर इस केंद्र को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है।’

टाउन हॉल का स्वामित्व एमसीडी के पास है। यह 1866 से 2012 तक निगम का मुख्यालय रहा, जिसके बाद से यह इमारत खाली पड़ी है।

भाषा प्रचेता रंजन अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments