नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-दिल्ली का सर्वर डाउन होने के मामले में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन विभिन्न एजेंसियां जांच में जुटी रहीं।
एम्स की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि साइबर सुरक्षा खतरे को देखते हुए सभी आपात, नियमित रोगी व प्रयोगशाला सेवाएं ‘मैनुअल मोड’ में प्रदान की जा रही हैं।
बयान में कहा गया है, “विभिन्न सरकारी एजेंसियां इस घटना की जांच में जुटी हैं। डिजिटल सेवाएं बहाल करने में एम्स की सहायता कर रही हैं। हम प्रभावित गतिविधियों को जल्द बहाल करने की उम्मीद करते हैं।”
सूत्रों के मुताबिक, इंडिया कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-आईएन), दिल्ली पुलिस, गुप्तचर ब्यूरो, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हमले के बारे में पता चलने के बाद, अस्पताल के अधिकारियों ने दक्षिण जिला पुलिस से संपर्क किया, जिसने मामले को दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएएसओ) इकाई को स्थानांतरित कर दिया।
एम्स को सेवाएं दे रहे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की एक टीम ने अनुमान लगाया है कि हमले में रैनसमवेयर का इस्तेमाल हो सकता है।
भाषा
जोहेब रंजन
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