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Monday, 2 February, 2026
होमदेशदिल्ली पुलिस के हाथों उत्पीड़न की शिकायत करने का ममता को नैतिक अधिकार नहीं: शुभेंदु

दिल्ली पुलिस के हाथों उत्पीड़न की शिकायत करने का ममता को नैतिक अधिकार नहीं: शुभेंदु

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कोलकाता, दो फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह आरोप कि दिल्ली पुलिस “जरूरत से ज्यादा सक्रिय” होकर एसआईआर से जुड़े पीड़ितों के परिवारों को परेशान कर रही है, वास्तव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार और उसकी पुलिस पर ज्यादा सही बैठता है।

अधिकारी ने कहा कि बंगाल में विपक्षी गतिविधियों को कुचलने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार और उसकी पुलिस ने दमनकारी तरीके अपनाए हैं।

बनर्जी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित अपनी शिकायतों को लेकर निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मिलने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं।

उनकी आज सुबह चाणक्यपुरी और हैली रोड स्थित बंग भवन परिसरों के बाहर दिल्ली पुलिस से बहस हुई जब उन्होंने बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती देखी और आरोप लगाया कि उनके साथ आए एसआईआर पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को धमकाया जा रहा है।

अधिकारी ने यहां पत्रकारों से कहा कि एक ऐसे शख्स को यह आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है, जिनकी सरकार ने “मेरे खिलाफ विभिन्न थानों में 86 झूठे मामले दर्ज कराए हुए हैं, मुझे राजनीतिक रैलियां करने की अनुमति लेने के लिए 104 बार उच्च न्यायालय का रुख करने के लिए मजबूर किया गया और निलंबन के जरिए मुझे 11 महीने से अधिक समय तक राज्य विधानसभा से बाहर रखा गया है।”

अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य में एसआईआर कवायद को लेकर लोगों की चिंता मुख्यमंत्री द्वारा ‘स्वयं उत्पन्न’ की गई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य के सभी 23 जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन करेगी, जबकि वह भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए शाम में लोक भवन जाएंगे और राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस को ज्ञापन सौंपेंगे।

अधिकारी ने कहा, “ एसआईआर को लेकर डर ममता बनर्जी ने खुद पैदा किया है…। इसका फायदा उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस एसआईआर सुनवाई केंद्रों पर हिंसा और तोड़फोड़ करवा रही है। तृणमूल कांग्रेस और उसके राजनीतिक सलाहकार आई-पैक के निर्देश पर कुछ बीएलओ ने जानबूझकर नामों की वर्तनी में गलतियां अपलोड की हैं, ताकि मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जा सके और पार्टी उनकी शिकायतों का लाभ उठा सके। हम आज बाद में लोक भवन में राज्यपाल को ये विवरण सौंपेंगे।

भाषा नोमान नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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