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Saturday, 21 February, 2026
होमदेशमल्लिकार्जुन खरगे का मोदी सरकार पर हमला: क्या अमेरिका के साथ ‘ट्रैप डील’ में किया एकतरफा समर्पण?

मल्लिकार्जुन खरगे का मोदी सरकार पर हमला: क्या अमेरिका के साथ ‘ट्रैप डील’ में किया एकतरफा समर्पण?

खरगे ने पूछा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अंतरिम व्यापार समझौते की इतनी जल्दी क्यों?

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सरकार की विदेश नीति “दिशाहीन” है या उसने अमेरिका के सामने “एकतरफा समर्पण” कर दिया है. यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद आई है.

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना अंतरिम व्यापार समझौता क्यों किया, जिसे उन्होंने “ट्रैप डील” बताया.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस संयुक्त बयान में कई अमेरिकी उत्पादों पर जीरो टैरिफ देने की बात कही गई, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र अमेरिकी सामान के लिए खुल जाएगा. साथ ही 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद आयात करने की योजना, रूस से तेल खरीद रोकने की प्रतिबद्धता, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, और डिजिटल क्षेत्र में कई टैक्स रियायतें भी शामिल हैं.

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि किसके दबाव में सरकार ने भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता किया. उन्होंने कहा कि सरकार को देश के 140 करोड़ लोगों, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और कारोबारियों के हितों की रक्षा करते हुए निष्पक्ष व्यापार समझौता करना चाहिए.

इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत व्यापक आयात टैरिफ लगाकर अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर काम किया.

हालांकि, ट्रंप ने इस फैसले को “खराब निर्णय” बताते हुए घोषणा की कि वह 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे.

कोर्ट के फैसले से अरबों डॉलर के टैरिफ अमान्य हो गए हैं और अमेरिकी सरकार को करीब 130 से 175 अरब डॉलर की राशि वापस करनी पड़ सकती है.


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