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Thursday, 9 April, 2026
होमदेशJ&K में LeT का बड़ा मॉड्यूल ध्वस्त: 16 साल से सक्रिय आतंकी गिरफ्तार, विदेशी आतंकियों को देता था पनाह

J&K में LeT का बड़ा मॉड्यूल ध्वस्त: 16 साल से सक्रिय आतंकी गिरफ्तार, विदेशी आतंकियों को देता था पनाह

सूत्रों ने कहा कि संदिग्ध LeT आतंकी अबू हुरैरा ने कथित तौर पर सऊदी अरब के जरिए फंड भेजे, वर्षों में कम से कम 40 आतंकियों को संभाला.

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं. सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि इनमें से एक भारत में आतंकी हमलों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट, फंडिंग और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध करा रहा था.

पुलिस सूत्र के अनुसार, A+ कैटेगरी का आतंकी अबू हुरैरा कई दशक पहले पाकिस्तान से घुसपैठ कर आया था और समय-समय पर भारत में घुसने वाले नए भर्ती और अन्य आतंकियों के लिए सपोर्ट बेस के रूप में काम करता रहा. सूत्र ने कहा कि वह 16 साल तक घाटी में सक्रिय रहा. A+ कैटेगरी का मतलब हाई-प्रायोरिटी आतंकी लक्ष्य होता है.

सूत्र ने कहा, “वह अपने साथियों के साथ कश्मीर घाटी में बहुत सक्रिय रहा है और समय के दौरान करीब 40 विदेशी आतंकियों को संभाला और कमांड किया. इनमें से ज्यादातर को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है.”

सूत्र ने यह भी बताया कि हुरैरा जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का नेटवर्क बनाने में शामिल था.

जम्मू-कश्मीर पुलिस को हुरैरा तक पहुंच 31 मार्च को श्रीनगर निवासी नकीब अहमद भट की गिरफ्तारी के बाद मिली. इस ऑपरेशन में गिरफ्तार अन्य लोगों में श्रीनगर निवासी आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर शामिल है.

दूसरे सूत्र ने कहा, “नकीब को गिरफ्तार किया गया और जांच में पता चला कि वह LeT आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है. उसने आदिल राशिद भट से हथियार और गोला-बारूद हासिल किए, साथ ही विदेशी आतंकियों को सुविधा और सपोर्ट दिया.”

इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आदिल राशिद भट को भी गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर आतंकियों को पनाह दी थी. पुलिस के अनुसार, उसके ठिकाने पर तलाशी के दौरान एके-47 राइफल, ग्रेनेड, जिंदा कारतूस और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए गए.

पुलिस ने कहा, “जांच के दौरान गुलाम मोहम्मद मीर के ठिकाने पर भी तलाशी ली गई, जहां एक छिपने की जगह मिली. यहां से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बाद में विदेशी आतंकियों अबू हुरैरा और खुबैब के रूप में हुई.”

इसके बाद पुलिस ने श्रीनगर और आसपास के इलाकों में कई ठिकानों का भंडाफोड़ किया. तीसरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “इन स्थानों से हथियार, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और फर्जी पहचान दस्तावेज जैसे आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ.”

पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.

‘आतंकी फंडिंग, सुरक्षित ठिकाने’

पहले सूत्र के अनुसार, हुरैरा घाटी में आतंकी फंडिंग में मुख्य भूमिका निभा रहा था.

सूत्र ने कहा, “वह हज और उमराह एजेंटों के जरिए सऊदी अरब के रास्ते पैसे भेजता था. फंड सऊदी के जरिए भेजे जाते थे और फिर स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन चलाने के लिए बांटे जाते थे.”

सूत्र के अनुसार, वह सुरक्षित ठिकानों का जिम्मेदार था, जहां विदेशी आतंकियों को रहने की जगह मिलती थी. उसने कथित तौर पर उन्हें भारत में रहने के लिए फर्जी पहचान दस्तावेज बनवाने में मदद की.

सूत्र ने कहा, “उसने गास्सू, वानीहोमा, चटेरहामा और देनिहामा गांवों में अपनी मौजूदगी बना ली थी, जिसमें हरवान उसका मुख्य लॉजिस्टिक हब था.”

सूत्र ने आगे कहा, “इस गिरफ्तारी से LeT का कई राज्यों में फैला मानव और वित्तीय नेटवर्क टूट गया है और आतंकी हमलों से जुड़े कई पुराने मामलों की गुत्थी सुलझी है. स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने के लिए उसने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े गुलाम मोहम्मद की बेटी से शादी की थी.”

दूसरे सूत्र के अनुसार, हुरैरा ने कश्मीर यूनिवर्सिटी के अंदर भी संपर्क बनाए थे और 2022-23 में पुलिस कार्रवाई के दौरान श्रीनगर के नसीम बाग कैंपस को छिपने के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया था.

अब तक पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में 19 जगहों पर तलाशी ली है. अधिकारी ने बताया कि यहां से एके-47 राइफल, एक एके-क्रिंकोव राइफल, पिस्टल, हैंड ग्रेनेड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पाकिस्तानी आतंकियों के पास से दूसरे राज्यों के पते वाले फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे पता चलता है कि उन्होंने झूठी पहचान का इस्तेमाल किया और जम्मू-कश्मीर के बाहर भी मदद के चैनल मौजूद थे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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