मुंबई, 19 मार्च (भाषा) उपभोक्ता अदालतों के संबंध में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 और 2024 के बीच महाराष्ट्र में देश भर में सबसे ज़्यादा उपभोक्ता मामले दर्ज किए गए, लेकिन बड़े और मध्यम राज्यों में महाराष्ट्र में मामलों के निपटारे की दर सबसे कम रही।
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट (आईजेआर) द्वारा तैयार की गई ‘उपभोक्ता न्याय रिपोर्ट’ के अनुसार,पांच सालों में, राज्य आयोगों में 91,449 मामले दर्ज किए गए, जिनमें चार सर्किट, दो क्षेत्रीय पीठें और 40 ज़िला आयोग शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 59,067 मामलों का निपटारा कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक 2020 और 2024 के बीच, 19 बड़े और मध्यम आकार के राज्यों में महाराष्ट्र में मामलों के निपटारे की दर सबसे कम रही। मामलों के निपटारे की दक्षता के मामले में तमिलनाडु इस सूची में सबसे ऊपर रहा, जिसके बाद कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का स्थान रहा।
बृहस्पतिवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई के महानगरीय क्षेत्र में चार जिला उपभोक्ता आयोग हैं—मध्य मुंबई, मुंबई उपनगर अतिरिक्त, मुंबई उपनगर और दक्षिण मुंबई। इन्होंने 2022 और 2025 के बीच दर्ज किए गए 4,388 मामलों में से केवल 36 प्रतिशत का ही निपटारा किया।
भाषा वैभव पवनेश
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