मुंबई, 26 अगस्त (भाषा)महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की हुई बैठक में नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी।
सरकार के मुताबिक इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय वर्तमान तीन घंटे से घटकर लगभग 90 मिनट रह जाएगा।
इस परियोजना का क्रियान्वयन महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) द्वारा किया जाएगा और मंत्रिमंडल ने 3,162 करोड़ रुपये में भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि 162.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के 115 गांवों को लाभ मिलेगा और नागपुर तथा मुंबई के साथ पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ेगा।
बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल की बैठक में गैर अधिसूचित एवं घुमंतू जनजातियों के लिए पहचान दस्तावेज, जाति प्रमाण पत्र तथा कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए एक सुव्यवस्थित तंत्र को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने पुणे की हवेली तालुका में स्थित यशवंत सहकारी चीनी मिल की 99.27 एकड़ जमीन स्थानीय कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) को 231.25 करोड़ रुपये में उप-मंडी गोदाम स्थापित करने के लिए बेचने की मंज़री दे दी। इसमें कहा गया है कि जमीन का इस्तेमाल केवल एपीएमसी के लिए ही होगा।
मंत्रिमंडल ने मुंबई उच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप 25 पदों की मंजूरी के साथ बीड जिले के अस्ती में एक वरिष्ठ डिवीजन दीवानी अदालत की स्थापना को भी मंजूरी दे दी।
भाषा धीरज पवनेश
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