छतरपुर (मप्र), 12 अप्रैल (भाषा) मध्य प्रदेश में महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी-जोड़ने की परियोजना के तहत प्रस्तावित धौदान बांध के कारण विस्थापित हुए आदिवासियों ने रविवार को लगातार आठवें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और परियोजना स्थल पर काम रोक दिया।
पन्ना जिले के मझगवां और रुंज सहित परियोजना से प्रभावित ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर निर्माण स्थल पर डटे रहे।
प्रदर्शनकारी विस्थापित परिवारों के लिए 12.5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र के अन्य बांधों से प्रभावित लोगों के लिए भी इसी तरह के मुआवजे की मांग की गई है।
पन्ना के अतिरिक्त जिलाधिकारी आलोक मार्को और उप जिलाधिकारी सतीश नागवंशी दिन में विरोध स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से विस्तृत चर्चा की।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देशों और भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार मुआवजा वितरित कर दिया गया है।
नागवंशी ने कहा, “रुंज परियोजना में 99 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित गांवों, जिनमें कटेरी, बलेटा, गडरा और कोनी शामिल हैं, में 90 प्रतिशत से अधिक मुआवजा दिया जा चुका है। यदि कोई नाम छूट गया है, तो हम दस्तावेजों के आधार पर एक नया सर्वेक्षण करने के लिए तैयार हैं।”
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