भोपाल, 13 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा ने 2002 के गुजरात दंगों पर बनी वृत्तचित्र के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने के लिए ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) के खिलाफ सोमवार को निंदा प्रस्ताव पारित किया।
यह प्रस्ताव अशासकीय संकल्प था, जिसे सत्तारूढ़ भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने पेश किया और मध्यप्रदेश के विधि एवं विधायी कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसका समर्थन किया। यह प्रस्ताव सदन में ध्वनि मत से पारित हुआ।
गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि वह राज्य में 2002 में हुए दंगों पर वृत्तचित्र बनाकर प्रधानमंत्री मोदी की छवि और लोकप्रियता को धूमिल करने के लिए बीबीसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी दिए जाने से पहले जैन ने सोमवार को कहा कि हमारे प्रधानमंत्री और भारत के ऊपर हमला करने के एकमात्र उद्देश्य से बीबीसी द्वारा एक आपत्तिजनक वृत्तचित्र का एक भाग जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि इसमें वर्ष 2002 के दौरान गुजरात में हुई घटनाओं को गलत तरीके से दिखाकर बीबीसी ने भारत की न्यायिक संस्थाओं को समझौता करने वाली संस्थाओं के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भारत की न्यायिक व्यवस्था शीर्ष से अधीनस्थ अदालतों तक पूरी स्वतंत्रता के साथ न्याय देती है।
उन्होंने कहा कि बीबीसी ने इस विषय पर उच्चतम न्यायालय के 24 जून 2022 के निर्णय को अनदेखा करते हुए असत्य बातें कीं। यह कृत्य भारत की न्यायिक अधिकारिता की सत्यनिष्ठा पर सीधा प्रहार है।
जैन ने कहा कि बीबीसी ने स्वयं को अपीलीय प्राधिकरण के रूप में दिखाया और भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायिक विवेक को भी पीछे छोड़ दिया। बीबीसी का वृत्तचित्र सीधे तौर पर अदालत की अवमानना है, क्योंकि उसमें अदालत के तर्कों और क्षमताओं की घोर अनदेखी की गई है।
उन्होंने कहा कि अत: यह सदन इस वृत्तचित्र को जारी एवं प्रसारित करने की घोर निंदा करता है और केन्द्र शासन से अनुरोध करता है कि ऐसे कृत्य को माफ नहीं किया जाना चाहिए तथा भारत के आंतरिक मामलों में गैर-कानूनी हस्तक्षेप के लिए बीबीसी के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए सदन में रखा जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सदस्य हैं।
यह निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘कुछ समूह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता से व्यथित मालूम होते हैं। इसलिए भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए बीबीसी ने जो किया है, उस पर भारत की जांच संस्थाओं और न्यायिक अधिकारिता से पहले ही निर्णय हो चुका है। यह भारत की संप्रभुता पर गैर-जिम्मेदार और गंभीर हमला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बीबीसी ने मामले की सामाजिक-राजनीतिक संवेदनशीलता की घोर अनदेखी की है। बीबीसी ने स्वयं को जज के रूप में नियुक्त करते हुए स्वतंत्र प्रेस, न्यायिक व्यवस्था और प्रजातांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए।’’
चौहान ने आगे लिखा, ‘‘वृत्तचित्र ने भारत के संविधान को कमजोर करने के लिए पत्रकारिता का मुखौटा लगा रखा है। मध्यप्रदेश की विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प सदस्य शैलेंद्र जैन जी ने प्रस्तुत किया जिसे विधानसभा द्वारा पारित किया गया है। भारत को बदनाम करने के लिए बीबीसी ने जो कृत्य किया उसके खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है।’’
गौरतलब कि बीबीसी के दो भाग वाले वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ पर आरोप लगा है कि इसमें वर्ष 2000 गुजरात दंगो की घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हुए विश्व स्तर पर भारत की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है।
वृत्तचित्र में गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद हुए दंगों के कुछ पहलुओं की पड़ताल करने का दावा किया गया है। दंगों के समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
वृत्तचित्र के रिलीज होने के कुछ ही समय बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोशल मीडिया मंच ट्विटर और यूट्यूब को इस वृत्तचित्र के लिंक को बाधित करने का निर्देश दिया था।
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रावत धीरज
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