भोपाल, 29 जून (भाषा) मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत हिंदुत्व विचारक दिवंगत वीडी सावरकर पर पाठ राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि आजादी के बाद देश में लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार के महिमामंडन पर ध्यान केंद्रित किया और कई क्रांतिकारियों की अनदेखी की।
परमार ने पीटीआई भाषा से कहा, “एनईपी के तहत भगवान परशुराम, भगत सिंह, राजगुरु, सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर के जीवन और गीता की शिक्षाओं को भारत की ज्ञान परंपरा के हिस्से के रूप में (पाठ्यक्रम में) शामिल किया जाएगा ताकि लोगों को उनके योगदान के बारे में पता चल सके।’’
इस कदम की आलोचना करते हुए, मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने इसे साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया एक राजनीतिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसी मुख्य समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि ‘सावरकर समग्र’ का एक पाठ भी शामिल किया जाना चाहिए, जिसमें हिंदुत्व विचारक ने गाय पूजा की नहीं बल्कि गाय पालन की वकालत की थी।
भाषा दिमो मनीषा
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