जयपुर, 27 नवंबर (भाषा) जयपुर के शास्त्री नगर और आस-पास के इलाकों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन एक तेंदुआ घूमता दिखा जिससे लोगों में दहशत फैल गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जयपुर शहर के रिहायशी इलाकों में इन्हीं दिनों में कई बार तेंदुए घूमते देखे गए हैं।
एक सीसीटीवी फुटेज में बुधवार रात को कल्याण कॉलोनी में एक तेंदुआ सड़क पार करते हुए और सीकर हाउस इलाके के पास एक घर की छत पर दिखा। इससे डरे हुए लोग बृहस्पतिवार को अपने घरों के अंदर रहे।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ढूंढने की कोशिश की लेकिन वह नजर नहीं आया।
अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ का फुटेज सामने आने के तुरंत बाद वन विभाग ने तलाशी अभियान शुरू किया। जिस इलाके में तेंदुआ देखा गया, वह स्वर्ण जयंती पार्क के पास है और ऐसा लगता है कि तेंदुआ संभवत: पास के नाहरगढ़ जंगल से रिहायशी इलाकों में घुसा होगा।
एक रात पहले विद्याधर नगर इलाके में तेंदुआ घूमता दिखा जिसने कथित तौर पर बछड़े का शिकार कर लिया। बाद में तेंदुए को पानीपेच इलाके में देखा गया।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आज फिर दिखना इस बात का संकेत है कि तेंदुआ आबादी वाले इलाके में घूम रहा है। हम उसे सभी मुमकिन जगहों पर ढूंढ रहे हैं। उसके पग निशान मिले लेकिन तेंदुआ नजर नहीं आया।’’
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को सचेत कर दिया गया है और उन्हें सावधान रहने तथा अपने घरों में रहने के लिए कहा गया है।
विद्याधर नगर के लोगों का कहना है कि मंगलवार रात को इलाके में कुत्ते लगातार भौंक रहे थे और सुबह एक बछड़ा मरा हुआ मिला। इस बीच, इलाके के सीसीटीव फुटेज में तेंदुए घूमता दिखा।
शास्त्री नगर के विजय खंडेलवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘तेंदुआ होने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई है। बाहर निकलना खतरनाक है, इसलिए हम अधिकांश लोग घर के अंदर ही रह रहे हैं। किसी को नहीं पता कि तेंदुआ कहां हो सकता है, वह किसी भी घर में छिपा हो सकता है।’’
पिछले हफ्ते जयपुर के अति सुरक्षित माने जाने वाले सिविल लाइंस इलाके में एक तेंदुआ देखा गया था। वह एक मंत्री के बंगले और बाद में एक स्कूल के अंदर घूम रहा था।
जयपुर शहर के पास तेंदुओं के दो बड़े ठिकाने झालाना और नाहरगढ़ का जंगल है। वन अधिकारियों का मानना है कि शहर की सीमा के पास इन जंगली इलाकों में कई तेंदुए रहते हैं।
वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में बार-बार तेंदुए दिखने की वजह तेंदुओं की बढ़ती आबादी, जंगल में शिकार के अवसर कम होना व शहरी सीमा का विस्तार है। जंगल से सटे इलाकों मालवीय नगर, जगतपुरा, विद्याधर नगर, शास्त्री नगर और जयसिंहपुरा में तेंदुए घूमने की खबरें लगातार आती रहती है।
इससे पहले राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर के अंदर और स्मृति वन में तेंदुए देखे गए थे जिसके कारण एहतियात के तौर पर इन्हें कई दिनों के लिए बंद कर दिया गया था।
एक वन अधिकारी ने कहा, ‘‘आवारा जानवरों की तलाश में अक्सर तेंदुए रिहायशी बस्तियों के पास आते हैं।’’
वन विभाग ने लोगों से सावधान रहने, सुबह के समय अकेले घूमने से बचने की अपील की है।
भाषा पृथ्वी खारी
खारी
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