नई दिल्ली: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसी भी राज्य में वाम दलों की सरकार नहीं होने के बावजूद वामपंथी आंदोलन प्रासंगिक बना रहेगा तथा जब तक सामाजिक और आर्थिक असमानताएं बनी रहेंगी तब तक यह विचारधारा कायम रहेगी.
उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में इस बात पर जोर दिया कि जब तक समाज में विभाजन है, मुट्ठी भर अरबपतियों द्वारा श्रमिकों, किसानों और आम जनता का शोषण होता रहेगा, तब तक मार्क्सवाद प्रासंगिक रहेगा.’
भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने हाल ही में कहा था कि मार्क्सवाद अप्रासंगिक हो गया है. केरल विधानसभा चुनाव में वाम दलों की गठबंधन हार गया और सत्ता से बाहर हो गया.
बेबी ने चंद्रशेखर पर पलटवार करते हुए कहा कि शायद राजीव चन्द्रशेखर समझ नहीं पा रहे होंगे, लेकिन सच्चाई यही है कि मार्क्सवाद प्रासंगिक बना रहेगा.
बेबी का कहना था कि वाम दलों के पास वर्तमान में किसी भी राज्य में निर्वाचित सरकार नहीं है, लेकिन चुनावी असफलताओं से आंदोलन की भूमिका कम नहीं होगी.
उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कि हमारे पास किसी भी राज्य में निर्वाचित सरकार न हो. ऐसे मौके आए जब हमारे पास सरकार नहीं थी. लेकिन लाल झंडे और वंचितों, हाशिए पर पड़े और शोषितों के अधिकारों के लिए संगठित होने और संघर्ष करने की प्रतिबद्धता को माकपा और वामपंथी आंदोलन द्वारा हमेशा बरकरार रखा जाएगा.’
माकपा नेता ने कहा कि वामपंथियों को श्रमिकों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, युवाओं, छात्रों और महिलाओं के बीच समर्थन प्राप्त है और यह आंदोलन आवश्यक है क्योंकि समाज में ‘उत्पीड़न और हमले’ जारी हैं.
बेबी ने कहा, ‘जब तक समाज में ऐसी समस्याएं मौजूद हैं, लाल झंडा और मजदूर वर्ग का आंदोलन जनता के बीच काम करता रहेगा.’
उन्होंने वामपंथ के फिर से मजबूत होने का भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी अपनी चुनावी हार के पीछे के कारणों पर विचार करेगी.
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