नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को दावा किया कि विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के आरोप में मलयालम फिल्म ‘एल2: एम्पुरान’ के निर्माताओं में से एक गोकुलम गोपालन के स्वामित्व वाली चिटफंड कंपनी के परिसरों पर मारे गए छापे के दौरान 1.5 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।
संघीय एजेंसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शुक्रवार को शुरू की गई छापेमारी की कार्रवाई शनिवार को समाप्त हुई।
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत केरल के कोझिकोड में एक स्थान और तमिलनाडु के चेन्नई में दो स्थानों पर श्री गोकुलम चिट्स एंड फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर की गई।
इसमें कहा गया है कि तलाशी के दौरान डेढ़ करोड़ रुपये नकद और फेमा का उल्लंघन करने का संकेत देने वाले आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
ईडी के आरोपों पर गोपालन या उनकी कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
यह जांच ऐसे समय में की जा रही है जब पृथ्वीराज-मोहनलाल टीम की तीन फिल्मों की श्रृंखला के तहत ‘लूसिफर’ का दूसरा भाग ‘एल 2: एम्पुरान’ दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना करने तथा गुजरात दंगों के अप्रत्यक्ष उल्लेख के कारण विवाद में रहा है।
मलयालम सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक मानी जाने वाली ‘‘एल2: एम्पुरान’’ 27 मार्च को रिलीज हुई थी और दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना तथा 2002 के गुजरात दंगों के परोक्ष उल्लेख के कारण जल्द ही यह सियासी बहस का विषय बन गई।
फिल्म के अन्य निर्माता क्रमशः आशीर्वाद सिनेमाज और लाइका प्रोडक्शंस के बैनर तले एंटनी पेरुम्बवूर और सुबास्करन हैं।
इस फिल्म में एक अन्य निर्माता एंटनी पेरुम्बवूर ने इस महीने की शुरुआत में कोच्चि में संवाददाताओं से कहा था कि विवाद के बाद फिल्म से दो मिनट से अधिक के दृश्य हटा दिए गए हैं।
ईडी ने कहा कि उसे ‘‘पुख्ता’’ खुफिया जानकारी मिली थी कि श्री गोकुलम चिट्स एंड फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना भारत से बाहर रहने वाले लोगों से चिट फंड के लिए अंशदान एकत्र कर रही थी।
एजेंसी के मुताबिक, ‘‘इन लोगों से सदस्यता राशि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन करते हुए नकद में ली जा रही थी।’’
ईडी ने दावा किया, ‘‘इससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन (अनुमेय पूंजी खाता लेनदेन) विनियम, 2000 के विनियमन 4(बी) तथा आरबीआई द्वारा 11 जून 2015 को जारी परिपत्र संख्या 107 का उल्लंघन हुआ।’’
एजेंसी के मुताबिक कंपनी ने भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों से नकद में 3,71.80 करोड़ रुपये तथा इसी श्रेणी के लोगों से चेक के माध्यम से 220.74 करोड़ रुपये एकत्र किये।
भाषा शफीक धीरज प्रशांत
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