कोलकाता, आठ फरवरी (भाषा) चोरी के बढ़ते मामलों के बीच कोलकाता पुलिस ने अपने डिजिटल पंजीकरण प्रणाली के जरिए घरेलू सहायकों का अनिवार्य सत्यापन कराने की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह कदम पिछले कुछ महीनों में चोरी के लगभग एक-तिहाई मामलों में घरेलू सहायकों और देखभाल करने वालों की संलिप्तता सामने आने के बाद उठाया गया है।
अधिकारी ने कोलकाता पुलिस द्वारा संकलित आंकड़ों का हवाला दिया जिसमें यह बात सामने आयी कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच दर्ज चोरी के 104 मामलों में से 32 में घरेलू सहायक या देखभाल करने वाले शामिल थे।
उन्होंने कहा कि यह कुल मामलों का लगभग 31 प्रतिशत था। अधिकारी ने कहा कि खुफिया विभाग के आंकड़े आंतरिक रूप से कर्मियों के बीच साझा किए गए थे, मीडिया के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि हाल की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक में बेहाला में एक महिला वरिष्ठ नागरिक की उसकी पूर्व में देखभाल करने वाले ने कथित तौर पर हत्या कर दी।
अधिकारी ने कहा कि अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुलिस थाना क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को मजबूत किया जा रहा है, खासकर अपार्टमेंट परिसरों और उन जगहों पर जहां अकेले रहने वाले बुजुर्ग नागरिकों की संख्या अधिक है।
उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू कामगारों का समय पर सत्यापन और दस्तावेजीकरण भी एहतियाती कदम के रूप में कार्य कर सकता है और घरों में चोरी और अन्य अपराधों की आशंका को काफी कम कर सकता है।’’
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