लखनऊ, 13 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने मंगलवार को घोषणा की कि 14 जनवरी से प्रस्तावित ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय स्थगित कर दिया गया है।
यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा केजीएमयू परिसर में हुई कथित हिंसा और तोड़फोड़ की हालिया घटना के संबंध में त्वरित और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद लिया गया है।
केजीएमयू ने एक बयान में कहा कि शिक्षक संघ, कर्मचारी परिषद और नर्सिंग परिषद सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने नौ जनवरी को कुलपति कार्यालय में हुई कथित हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के विरोध में सुबह की ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था।
विश्वविद्यालय के अनुसार, कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने मंगलवार को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (गृह) से मुलाकात कर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीर बताया और शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के आश्वासन और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुलपति के अनुरोध पर ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय स्थगित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि 14 जनवरी को ओपीडी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी।
भाषा किशोर आनन्द खारी
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