तिरुवनंतपुरम, तीन जनवरी (भाषा) केरल सरकार ने शनिवार को कहा कि वह के-टीईटी से जुड़े उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ जल्द ही पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से एक अप्रैल 2010 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा कि सरकार उन शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें नियुक्ति के समय लागू भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्त किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए सरकार ने इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।’’
मंत्री ने आश्वासन दिया कि 2010 से पहले नियुक्त एक भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन लंबा अनुभव रखने वाले शिक्षकों को हटाने से शिक्षा व्यवस्था और कमजोर होगी।
उच्चतम न्यायालय ने एक सितंबर 2025 को एक ऐतिहासिक फैसले में कक्षा 1-8 के सभी मौजूदा और भावी शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य कर दी थी।
भाषा जोहेब शफीक
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