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Friday, 21 June, 2024
होमदेशअपराधकेरल कोर्ट ने 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी को सुनाई मौत की सजा, 4 महीने में दिया फैसला

केरल कोर्ट ने 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी को सुनाई मौत की सजा, 4 महीने में दिया फैसला

3 बजे रात को बच्ची का अपहरण करने के बाद बलात्कार कर उसे एक दलदली जगह पर फेंक दिया था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरपो की तलाश की थी.

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कोच्चि (केरल) : केरल में एर्नाकुलम पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने मंगलवार को अलुवा में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या को लेकर असफाक आलम को घटना के 4 महीने बाद मौत की सजा सुनाई है, इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था.

इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने आलम को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की पांच धाराओं के तहत उसे 5 अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

उसे सबूत नष्ट करने के लिए 5 साल की सजा, नाबालिग को नशीला पदार्थ देने के लिए 3 साल की सजा, नाबालिग से बलात्कार के लिए आजीवन कारावास और नाबालिग की हत्या और बलात्कार के लिए मौत की सजा दी गई.

अदालत के फैसले में कहा गया, “ये 5 आजीवन कारावास की सजाएं एक साथ चलेंगी.”

अदालत ने बिहार के रहने वाले प्रवासी मजदूर आलम पर 7,20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

अदालत ने आरोपी को आईपीसी, POCSO अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है.

आरोपी असफाक आलम, जिसे शुक्रवार, 28 जुलाई को अपराध की उसी रात गिरफ्तार किया गया था, जब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सोमन ने फैसला सुनाया तो वह अदालत में मौजूद था.

घटना के 4 महीने के भीतर दोषसिद्धि और सजा सुना दी गई है.

एर्नाकुलम कोर्ट ने 7 सितम्बर को मामले की सुनवाई शुरू की थी. 16 सितम्बर को आरोप तय किए गए, जिसके बाद 4 अक्टूबर को सुनवाई शुरू हुई. आलम को 4 नवंबर को उसके अपराध के लिए दोषी ठहराया गया और अपराध के लिए आज उसे सजा सुनाई गई.

28 जुलाई को, केरल के एर्नाकुलम जिले के अंतर्गत आने वाले अलुवा नगरपालिका में एक 5 वर्षीय लड़की को उसके घर से लगभग 3 बजे अपहरण कर लिया गया और उसके साथ बलात्कार किया गया. पुलिस ने कहा कि बाद में उसकी हत्या कर दी गई और उसे अलुवा बाजार के पास एक दलदली इलाके में फेंक दिया गया. गहन जांच के बाद, अपराध के संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया.

मामले की जांच करने वाली केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2 सितंबर को POCSO अदालत में आरोपी के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी.

जांच और मुकदमा 3 महीने की अवधि में पूरा किया गया.

कोच्चि पुलिस ने कहा कि हत्या के दिन के सीसीटीवी फुटेज से उन्हें आरोपी को पकड़ने और मामले को सुलझाने में मदद मिली.

पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा की गई समन्वित खोज के बाद बच्ची को पाया गया, स्थानीय लोगों ने भी आरोपी को बच्ची का अपहरण करते हुए देखा था. बच्ची का परिवार पिछले एक दशक से एडप्पारम में रह रहा था और विभिन्न नौकरियों से जीवन गुजार रहा था.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना को ”अलग-थलग” करने वाला बताया था और राज्य में विपक्ष पर केवल सरकार की छवि ‘खराब’ करने की कोशिश का आरोप लगाया था.


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