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Thursday, 13 June, 2024
होमदेशकश्मीर में अल्पसंख्यकों की रक्षा हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य- 'चूहे के बिल से निकालकर' आतंकियों से करेंगे हिसाब-किताब

कश्मीर में अल्पसंख्यकों की रक्षा हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य- ‘चूहे के बिल से निकालकर’ आतंकियों से करेंगे हिसाब-किताब

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी ताकतों को जम्मू-कश्मीर में शांति एवं समृद्धि का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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श्रीनगर: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कश्मीर में दो शिक्षकों समेत कुछ आम नागरिकों की आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को ‘चूहे के बिल से निकालकर’ उनका हिसाब-किताब किया जाएगा. वहीं कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे आतंकियों का फ्रस्ट्रेशन और घाटी में सामान्य हो रही स्थिति को उनके की उबलती कुंठा करार दिया है.

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कश्मीर में अल्पसंख्यकों की रक्षा करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है. अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है, कश्मीर में निर्दोष नागरिकों के हत्यारों को खोज निकालेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी ताकतों को जम्मू-कश्मीर में शांति एवं समृद्धि का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नकवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज जम्मू-कश्मीर के लोग विकास चाहते हैं, आतंकवाद नहीं चाहते हैं. आतंकवाद के रास्ते पर चलकर जो लोग विकास पर ब्रेक लगाने की कोशिश कर रहे हैं वो कामयाब नहीं होंगे.’

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उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यहां जो अल्पसंख्यक हैं, उनको पूरी तरह महफूज रखना हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी हैं. जो लोग यह (हत्याएं) कर रहे हैं उनको चूहे के बिल से निकालकर उनका हिसाब-किताब होगा.’

जम्मू-कश्मीर में नागरिकों पर बढ़े हमलों के बीच श्रीनगर के ईदगाह इलाके में बृहस्पतिवार को आतंकवादियों ने एक महिला समेत सरकारी विद्यालय के दो शिक्षकों की गोली मार कर हत्या कर दी. पुलिस ने यह जानकारी दी.

शिक्षकों की हत्या की व्यापक तौर पर निंदा की जा रही है. पिछले पांच दिनों के भीतर घाटी में सात नागरिकों की हत्या की जा चुकी है और इनमें चार अल्पसंख्यक समुदाय से थे.

नकवी ने कश्मीर में कई विकास परियोजनाओं की बुनियाद रखी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.

नकवी के मुताबिक, ‘जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद से विकास होना चाहिए था, वो नहीं हो पाया है. हम लोगों की बात सुन रहे हैं. केंद्र सरकार के काम और जो होना चाहिए, उसके बारे में जानकारी ले रहे हैं. यही तरीका है जिससे हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को आगे ले जाना चाहते हैं.’

कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल और अन्य नागरिकों श्रीनगर में आतंकी ताकतों द्वारा सरकारी प्रधानाचार्य और शिक्षक की कायराना हत्या के बारे में सुनकर बेहद स्तब्ध हूं.

कट्टरपंथियों द्वारा निर्दोष नागरिकों पर किए गए ये हमले न केवल उनके विश्वासों के खोखलेपन को उजागर करता है, बल्कि यह घाटी में सामान्य स्थिति के कारण सीमा पार उनके आकाओं की उबलती कुंठाओं को भी प्रकट करता है. आतंक के अपराधियों से सख्ती से निपटा जाएगा.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)

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