Saturday, 25 June, 2022
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कश्मीरी पंडित केमिस्ट जो 90 के दशक में घाटी में रुक गया था, उसकी श्रीनगर में आतंकियों ने की हत्या

घाटी में पिछले चार दिनों में पांच लोगों की हत्या कर दी गई है. पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है.

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नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में हत्याओं का सिलसिला जारी है. यहां मंगलवार शाम को अलग अलग घटनाओं में तीन लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इन तीन अलग अलग घटनाओं को दो घंटे के भीतर अंजाम दिया गया. मारे जाने वाले लोगों में एक मशहूर दवा-विक्रेता, खाने की रेहड़ी लगाने वाला और कैब ड्राइवर शामिल थे.

जम्मू कश्मीर पुलिस ने इसको ‘आतंकवादी घटना’ बताया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च टीम बना दी गई है.

एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने नाम न बताने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया कि ‘आतंकवादियों ने पहले मेडिकल शॉप के मालिक, फिर लाल बाजार में एक गैर-स्थानीय शख्स और शाहगुंद क्षेत्र में कैब ड्राइवर को गोली मारी. हमने इलाकों की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों को तलाशने के लिए टीमें बना दी हैं.’

‘पहले प्रसिद्ध दवा विक्रेता को मारा गया’

पहली घटना को लगभग शाम सात बजे अंजाम दिया गया. श्रीनगर के इकबाल पार्क स्थित बिंदरू मेडिकेट फार्मेसी के मालिक माखन लाल बिंदरू (70) को उनकी दूकान में घुसकर पास से गोली मारी गई. गोली लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

बिंदरू कश्मीरी पंडित थे. 1990 में उग्रवाद जब चरम पर था तब भी वे वहां रुके रहे अपनी केमिस्ट की दुकान चलाते रहे, जबकि उनके ज्यादातर रिश्तेदार घाटी छोड़कर भाग गए थे.

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पुलिस के मुताबिक जब चरमपंथी हमलों की वजह से पूरी मार्केट बंद हो जाया करती थी तब भी वह अपनी दुकान खुली रखते थे. इसके अलावा अलगाववादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दौरान भी उन्होंने कभी अपनी दुकान बंद नहीं की.

बिंदरू की मौत की खबर सामने आने के तुरंत बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यंमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा की.

अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘दिल दहला देने वाली ख़बर! वो बेहद उदार व्यक्ति थे. मुझे बताया गया कि उग्रवाद के चरम पर पहुंचने के बावजूद उन्होने अपनी दुकान खोले रखी और उसे छोड़ा नहीं. मैं इस हत्या की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं और मैं उनके परिवार के लिए हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.’

एक और पूर्व सीएम और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुखिया महबूबा मुफ़्ती ने भी इस हमले की निंदा की.

उन्होने ट्वीट किया ‘श्री एमएल बिंदरू की हत्या की निंदा करती हूं जिन्होंने उग्रवाद के चरम पर पहुंचने के दौरान भी कश्मीर में रहना चुना. इस तरह के हमले के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है. उनके परिवार को इस नुकसान से निपटने की शक्ति मिले’

‘खाने की रेहड़ी लगाने वाले और कैब ड्राइवर की एक घंटे के भीतर हत्या’

दूसरी घटना लगभग 7:30 बजे हुई. श्रीनगर के लाल बाजार में आतंकियों ने हमला किया और एक खाने की रेहड़ी लगाने वाले की हत्या कर दी. उनकी पहचान बिहार के भागलपुर के रहने वाले वीरेंद्र पासवान के रूप में की गई है. पुलिस के अनुसार वह श्रीनगर के ज़दीबाल इलाके में रह रहे थे.

आधे घंटे के अंदर बांदीपुरा में एक और स्थानीय निवासी मोहम्मद शफ़ी की भी गोली मार कर हत्या कर दी गई. वह कैब ड्राइवर और टैक्सी स्टैंड के अध्यक्ष थे.

‘चार दिनों में पांच लोगों की हत्या’

घाटी में इस घटना समेत पिछले चार दिनों में अभी तक पांच लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई है.

शनिवार को आतंकियों ने कथित तौर पर सैन्य बल से जुड़े होने के कारण करन नगर स्थित चट्टबल निवासी माजिद अहमद गोजरी और बाटमालू के मोहम्मद शफी डार की हत्या कर दी.

लश्कर ए तैयबा के मुख्य संगठन रिज़िस्टन्स फ्रंट (TRF) ने दावा करते हुए इन दोनों हत्याओं की जिम्मदारी ली.
अभी तक किसी आतंकी संस्था ने मंगलवार की घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है, पुलिस को सन्देह है कि इसमें भी टीआरएफ शामिल है.

(इस खबर को अंग्रेज़ में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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