कानपुर कोडीन कफ सिरप आपूर्ति मामले में 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी | एएनआई
इसरो वैज्ञानिक एन. वलारमथी | ट्विटर/@DrPVVenkitakri1

कानपुर (उप्र), 14 फरवरी (भाषा) कानपुर पुलिस की अपराध शाखा ने प्रतिबंधित कोडीन आधारित कफ सिरप के कारोबार में संलिप्तता के आरोपी दवा दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान रायपुरवा थाना क्षेत्र के देवनगर निवासी सुमित केसरवानी के रूप में हुई, जिसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि पिछले साल उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और तब से वह फरार था।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रतिबंधित कफ सिरप गिरोह का भंडाफोड़ पिछले साल 12 अक्टूबर को तब हुआ, जब औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में देवनगर स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने कोडीन आधारित कफ सिरप (फेनीपिक-टी) की 2,100 बोतलें और अल्प्राज़ोलम टैबलेट (कैलम्पिक 0.5) जब्त कीं, जिन्हें कथित तौर पर वैध रिकॉर्ड या नुस्खे के बिना भंडारित और बेचा जा रहा था।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि केसरवानी ने फर्जी बिल और जाली दस्तावेजों के जरिए 55,671 बोतल कोडीन सिरप और 1.2 लाख से अधिक अल्प्राजोलम टैबलेट खरीदी थीं।

पुलिस ने बताया कि जांच में बाधा डालने के लिए संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड जानबूझकर मिटा दिए गए थे।

डीसीपी ने बताया कि आरोपी ने कानपुर और आसपास के इलाकों में लगभग 74 दवा दुकानों को थोक में कोडीन सिरप की आपूर्ति की थी। उन्होंने बताया कि 45-48 रुपये प्रति बोतल की लागत से खरीदे गए इस सिरप को नशेड़ियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कथित तौर पर 150-160 रुपये में बेचा गया था।

पुलिस ने बताया कि केसरवानी लखनऊ स्थित इंडिका लैब साइंसेज नामक कंपनी से दवाएं लेता था। इस कंपनी के खिलाफ लखनऊ के सरोजिनी नगर पुलिस थाने में अवैध भंडारण का एक अलग मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अवैध सिरप व्यापार के कथित सरगना विनोद अग्रवाल से 1.59 लाख रुपये मूल्य की कोडीन-आधारित सिरप की 228 बोतलें और अन्य दवाएं भी खरीदी थीं, जो वर्तमान में जेल में है।

रायपुरवा पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच बाद में अपराध शाखा को सौंप दी गई, जिसने साइबर निगरानी, ​​मोबाइल लोकेशन विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी का पता लगाया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

भाषा सं आनन्द रवि कांत धीरज

धीरज

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