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Tuesday, 13 January, 2026
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कांगड़ा के सांसद ने हिमाचल प्रदेश में पीडीएस में गड़बड़ियों की केंद्र से जांच की मांग की

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शिमला, दो दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राजीव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में कथित तौर पर ‘बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों’ के सामने आने पर मंगलवार को चिंता जताई और कहा कि केंद्र सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

कांगड़ा के सांसद ने नयी दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से शिष्टाचार भेंट करते हुए, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और भविष्य में गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग की।

केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई सत्यापन सूची का जिक्र करते हुए, भारद्वाज ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में पीडीएस में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां कई वर्षों से जारी हैं। उन्होंने कहा कि सूची के मुताबिक, कुल 5,71,625 लाभार्थियों को ‘संदिग्ध लाभार्थी’ की श्रेणी में रखा गया है, जिन्होंने कथित तौर पर अपात्र होने के बावजूद सब्सिडी वाला और मुफ्त राशन लिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्यापन सूची में 400 डुप्लीकेट राशन कार्ड के मामले सामने आए; 2,222 ऐसे लाभार्थी जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी राशन प्राप्त कर रहे थे, और लगभग 2,918 ऐसे व्यक्ति जिनके पास वाहन है, फिर भी वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 53 लाख लाभार्थियों को उनकी वास्तविक पात्रता निर्धारित करने के लिए पुनःसत्यापन प्रक्रिया में रखा गया है।

भारद्वाज ने कहा, ‘‘यह योजना हिमाचल प्रदेश के लोगों की मेहनत की कमाई से वित्त-पोषित है। यह गरीबों के कल्याण के लिए बनाई गई है, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए नहीं।’’

हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर के रुख का समर्थन करते हुए भारद्वाज ने कहा कि केवल राशन कार्ड रद्द करना पर्याप्त नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सख्त कार्रवाई उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की जानी चाहिए, जिनके अधीन ये अनियमितताएं वर्षों तक जारी रहीं। कमीशन-आधारित प्रणाली ने इस घोटाले को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण यह समस्या लंबे समय तक छिपी रही।’’

भाषा दिलीप सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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