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Thursday, 2 April, 2026
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बंगाल में एसआईआर को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा घंटों घेराव के बाद न्यायिक अधिकारियों को बचाया गया

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कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में शामिल सात न्यायिक अधिकारियों का कई घंटों तक घेराव किया, जिन्हें बाद में बचा लिया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सुरक्षा बलों ने बुधवार देर रात भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और तीन महिलाओं सहित न्यायिक अधिकारियों को बचाया।

एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाताओं के नामों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 12 (कोलकाता-सिलीगुड़ी) को भी अवरुद्ध कर दिया।

न्यायिक अधिकारियों में तीन महिलाएं भी शामिल थीं जो कालियाचक-2 ब्लॉक विकास कार्यालय में मौजूद थीं जिसे प्रदर्शनकारियों ने शाम करीब चार बजे घेर लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी ने आधी रात के बाद उन्हें बचाया।

अधिकारी ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय से बाहर लाया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बांस के खंभे लगाकर उनके वाहनों को रोकने की कोशिश की और कारों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया।

एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलायीं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने न्यायिक अधिकारियों को ले जा रहे वाहनों को रोकने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हमारे कर्मियों को उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।’’

यह भी आरोप लगाया गया कि हंगामे के दौरान वाहनों की चपेट में आने से कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, न्यायिक अधिकारी वर्तमान में उन मतदाताओं के मामलों की जांच कर रहे हैं जिनके नाम 28 फरवरी को प्रकाशित मतदाता सूचियों में ‘‘विचाराधीन’’ के रूप में चिह्नित किए गए थे, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि उन्हें सूची में रखा जाना चाहिए या उनके नाम हटा दिए जाने चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले मांग की कि वे न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, लेकिन प्रवेश से इनकार किए जाने पर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया और परिसर का घेराव किया।

बचाव अभियान के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर नाकाबंदी जारी रही। स्थिति में तब थोड़ी राहत मिली जब देर रात एक अपर जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि योग्य मतदाताओं के नाम चार दिनों के भीतर मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने नाकाबंदी हटा ली।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से घटना की रिपोर्ट मांगी है।

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।

भाषा सुरभि गोला

गोला

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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