जम्मू, एक अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी ने मंगलवार को कठुआ जिले का दौरा किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डीजीपी ने कल रात सुरक्षा बलों के साथ संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद भाग निकले तीन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे तलाशी अभियान की समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि डीजीपी प्रभात, आईजीपी टूटी और उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शिव कुमार शर्मा के साथ कठुआ में पंजतीर्थी स्थल पर पहुंचे जहां अभियान चलाया जा रहा है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान दसवें दिन में प्रवेश कर गया है।
सुरक्षा बल किसी भी खतरे को नाकाम करने के लिए अपनी तलाश जारी रखे हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि ये आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा हैं जिनकी 23 मार्च को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट नर्सरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई थी। ये सभी आतंकवादी मौके से भाग निकले थे।
सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह से ही तलाश अभियान तेज कर दिया गया। हवाई निगरानी की गई और श्वान दस्ते को तैनात किया गया। देर शाम सुरक्षाबलों और आतंकवादियों का फिर आमना-सामना हुआ। जंगल में छिपे तीनों आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए सोमवार रात में ही इलाके की घेराबंदी की गई।
इस बीच, राइजिंग स्टार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की।
राइजिंग स्टार कोर जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र सहित कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों के अभियानगत क्षेत्रों की देखरेख करती है।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल ने उपराज्यपाल के साथ सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की।
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