चेन्नई, 10 जनवरी (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने 2026 के प्रक्षेपण कैलेंडर की शुरुआत 12 जनवरी को ‘पीएसएलवी-सी62’ मिशन के साथ करेगा। इस मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-एन1’ और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा।
इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य सह-यात्री उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के हैं।
अंतरिक्ष एजेंसी ने शनिवार को कहा, ‘‘प्रक्षेपण यान और उपग्रहों का एकीकरण पूरा हो चुका है तथा प्रक्षेपण-पूर्व जांच जारी है। पीएसएलवी-सी62 मिशन का प्रक्षेपण 12 जनवरी को सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से प्रस्तावित है।’’
इस मिशन के लिए 25 घंटे की उलटी गिनती 11 जनवरी को शुरू होगी। यह पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी।
इसरो ने बताया कि पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का निर्माण थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से किया है। पूरा मिशन प्रक्षेपण के बाद दो घंटे से अधिक समय तक चलेगा।
मुख्य पेलोड ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ 13 अन्य सह-यात्री उपग्रहों के साथ ‘पिगीबैक मोड’ में उड़ान भरेगा। इन उपग्रहों को प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद निर्धारित सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
इसरो ने बताया कि पीएसएलवी अब तक 63 उड़ानें पूरी कर चुका है, जिनमें महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-1’, ‘मंगल ऑर्बिटर मिशन’ (मॉम) और ‘आदित्य-एल1’ मिशन शामिल हैं।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
