नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वह पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) के कारण “परेशानी” झेल एक करोड़ से अधिक लोगों को ‘घुसपैठिया’ कह रहे हैं।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी की तीखी आलोचना की और उस पर ‘घुसपैठियों की सुरक्षा’ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि ‘घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है।”
इसपर पलटवार करते हुए टीएमसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान करते समय प्रधानमंत्री के इन बयानों को याद रखना चाहिए।
टीएमसी ने कहा, “श्रीमती ममता बनर्जी की उच्चतम न्यायालय में उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए आज नरेन्द्र मोदी ने संसद को गुमराह किया और कहा कि न्यायपालिका पर ‘घुसपैठियों’ की सुरक्षा के लिए दबाव डाला जा रहा है।”
पार्टी ने कहा,“दीदी आखिर सड़कों और अदालतों में किसके लिए लड़ रही हैं? उन 150 परिवारों के लिए जिन्होंने इस निर्दयी प्रक्रिया के कारण अपने प्रियजन खो दिए…… 1.4 करोड़ लोग, बुजुर्ग नागरिक, महिलाएं, प्रवासी मजदूर, दैनिक वेतनभोगी और मरीज जिन्हें ‘तार्किक विसंगति’ का हवाला देकर सुनवाई के लिए बुलाया गया…… जिन मतदाताओं को जीवित होते हुए मृत बताया गया और हटा दिया गया।”
टीएमसी ने कहा, “’यही लोग हैं जिन्हें प्रधानमंत्री हिमाकत करके ‘घुसपैठिया’ कह रहे हैं। अपने कीमती वोट देने से पहले इसे याद रखें।”
भाषा जोहेब संतोष
संतोष
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