हैदराबाद, 26 फरवरी (भाषा) तेलंगाना में शीर्ष माओवादी कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी समेत अन्य नक्सलियों के आत्मसमर्पण में लोग भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी बी. सुमति को इस पूरे घटनाक्रम की सूत्रधार मानते हैं जो चुपचाप अपना काम करती रहीं।
तेलंगाना पुलिस की विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) की प्रमुख के रूप में सुमति ने उच्च पदस्थ माओवादियों को मुख्यधारा में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिबंधित संगठन के प्रमुख केंद्रीय समिति सदस्य और माओवादी पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य देवूजी ने एक अन्य केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी और दो अन्य वरिष्ठ माओवादी कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को राज्य के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी की उपस्थिति में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान रेड्डी के साथ सुमति भी मंच पर उपस्थित थीं।
रेड्डी ने देवूजी के आत्मसमर्पण के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘विशेष खुफिया शाखा की आईजी सुमति और एसआईबी टीम के उत्कृष्ट प्रयासों के कारण ही देवूजी और अन्य माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।’’
डीजीपी ने आईजीपी इंटेलिजेंस विजय कुमार के प्रयासों की भी सराहना की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में महाराष्ट्र सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू के विपरीत, देवूजी का माओवाद का रास्ता छोड़ने का कोई इरादा नहीं था और सुमति ने यह सुनिश्चित किया कि देवूजी आत्मसमर्पण कर दे।
अनुभवी खुफिया अधिकारी सुमति ने पिछले दो वर्षों में तेलंगाना पुलिस के समक्ष 591 माओवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आत्मसमर्पण पर नजर रखी।
भाषा यासिर वैभव
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