scorecardresearch
Tuesday, 27 January, 2026
होमदेशसंतुलन और शांति बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं भारत-यूरोपीय संघ के संबंध: मुर्मू

संतुलन और शांति बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं भारत-यूरोपीय संघ के संबंध: मुर्मू

Text Size:

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एकजुट वैश्विक मोर्चे की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मंगलवार को कहा कि आधुनिक जटिलताओं से निपटने के लिए भारत और यूरोपीय संघ को सामूहिक कार्रवाई का नेतृत्व करना चाहिए।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में आयोजित भोज के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य की चुनौतियों पर बात की और प्रणालीगत विकास के माध्यम से बहुपक्षवाद को मजबूत बनाने की बात कही।

उन्होंने कहा, “वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में हमारे पास साझा विश्व दृष्टिकोण और सोच है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम मानते हैं कि वैश्विक चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान आवश्यक हैं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार होना चाहिए, उन्हें कमजोर नहीं किया जाना चाहिए, ताकि वे समकालीन वास्तविकताओं के अनुरूप ढल सकें।”

राष्ट्रपति कहा कि एक “संतुलनकारी शक्ति” के रूप में भारत की भूमिका बढ़ रही है और यह भविष्य की चुनौतियों के सामने अंतरराष्ट्रीय मंचों के मजबूत व समावेशी बने रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियां जटिल हैं, लेकिन अवसर भी उतने ही व्यापक हैं।

उन्होंने कहा, “भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी संतुलन, स्थिरता व आशा की शक्ति के रूप में उभर रही है। साथ मिलकर हम एक ऐसा भविष्य बना सकते हैं जो सतत, समावेशी और मानवीय हो।”

भाषा जोहेब माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments