नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति में हो रहे बदलावों को देखते हुए भारत एक ‘रॉकेट-सह-प्रक्षेपास्त्र’ बल गठित करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि चीन और पाकिस्तान दोनों के पास इसी तरह की इकाइयां हैं।
उन्होंने सेना दिवस से पहले एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘हमारे पास भी ऐसे ही एक बल का होना समय की मांग है।’’
ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेते हुए, भारतीय सेना अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ाने पर व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके तहत बड़ी संख्या में ड्रोन, मिसाइल और वायु रक्षा हथियार शामिल किये जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम रॉकेट मिसाइल बल स्थापित किए जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पाकिस्तान ने रॉकेट बल स्थापित कर लिया है और चीन ने भी ऐसा ही एक बल बनाया है।’’
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) रॉकेट बल (पीएलएआरएफ) को देश की सेना का एक अत्यंत शक्तिशाली अंग माना जाता है। चीन 2016 से लगातार पीएलएआरएफ की युद्ध क्षमता को बढ़ा रहा है।
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यासिर प्रशांत
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